साइड स्क्रोल मेनू
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मोबाइल पर वैक्‍सीन लगवाने वाली डॉयलर ट्यून पर केंद्र को लगाई फटकार

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मोबाइल पर वैक्‍सीन लगवाने वाली डॉयलर ट्यून पर केंद्र को लगाई फटकार
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

प्रजासत्ता नॅशनल डेस्क|
देश में कोरोना महामारी को देखते हुए मोबाइल पर लोगों को फोन पर वैक्‍सीन लगवाने की डॉयलर ट्यून सुनाई देती है, जिसपर दिल्‍ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि “हमें नहीं पता कितने दिनों से’’ यह ‘परेशान करने वाला” संदेश बज रहा है और लोगों से टीका लगवाने को कह रहा है जबकि पर्याप्त संख्या में टीका उपलब्ध नहीं है। लेकिन आप फिर भी कह रहे हैं कि वैक्सीन लगवाएं। आखिर कोई कैसे वैक्सीन लगवाएगा जबकि वैक्सीन ही नहीं है। ऐसे में इस संदेश का मतलब क्या है।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा, “लोग जब कॉल करते हैं तो, हमें नहीं पता कि आप कितने दिनों से एक परेशान करने वाला संदेश सुना रहे हैं कि लोगों को टीका लगवाना चाहिए, जबकि आपके (केन्द्र सरकार) पास पर्याप्त टीका नहीं है।”

दिल्ली हाई कोर्ट ने नसीहत दी कि सरकार को हमेशा एक ही संदेश बजाने की जगह अलग-अलग संदेश तैयार करने चाहिए। राज्य या केन्द्र की सरकारों को जमीनी स्तर पर स्थिति के हिसाब से काम करना चाहिए। हालात को देखते हुए कुछ और डायलर (संदेश) तैयार किए जाएं। जब लोग हर बार अलग-अलग संदेश सुनेंगे तो शायद उनकी मदद हो पाएगी।

इसे भी पढ़ें:  India GDP: भारत की जीडीपी ग्रोथ गिरकर 6.5% पर पहुंची, अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ी

कोर्ट ने कहा कि टीवी एंकर, निर्माताओं से ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स, सिलिंडर और वेक्सीनेशन के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए कार्यक्रम बनाने के लिए कहा जाना चाहिए। लोगों को इन सबके बारे में जागरूक करने के लिए अमिताभ बच्चन जैसे लोकप्रिय लोगों की मदद ली जा सकती है।

Join WhatsApp

Join Now