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रामनवमी पर हिंसा का मामला: मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने जताई चिंता, केंद्र सरकार ने कहा- ‘भारत विरोधी एजेंडा मत चलाइए’

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Rama Navami Violence: पिछले हफ्ते रामनवमी पर्व पर पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र में हुई में अब ओआईसी (OIC-Organisation Of Islamic Cooperation) भी कूद पड़ा है। ओआईसी ने हिंसा को मुस्लिमों के खिलाफ संगठित हमला करार दिया है। आगे कहा कि भारत में राम नवमी पर हिंसा के जरिए मुसलमानों को निशाना बनाया गया, वो बेहद चिंताजनक है।

ओआईसी महासचिव की तरफ से इस चिट्ठी में बिहार के बिहारशरीफ में हुई हिंसा का जिक्र किया है। कहा कि अतिवादी हिंदुओं ने मदरसों को निशाना बनाया। लाइब्रेरी को आग के हवाले कर दिया गया। यह भी कहा कि रामनवमी शोभायात्रा के दौरान कई भारतीय राज्यों में हिंसा हुई है। मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।

विदेश मंत्रालय ने दिया करारा जवाब

ओआईसी के बयान का भारत सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओआईसी सचिवालय द्वारा आज भारत के संबंध में जारी बयान की हम कड़ी निंदा करते हैं। यह उनकी सांप्रदायिक मानसिकता और भारत विरोधी एजेंडे का एक और उदाहरण है।

जानिए क्या है ओआईसी?

आईआईसी 57 मुस्लिम देशों का संगठन है। इसकी स्थापना 1969 में की गई थी। संगठन के देशों की संयुक्त आबादी 1.8 अरब से भी ज्यादा है। यह संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है। इस संगठन में पाकिस्तान की अहम भूमिका है। पाकिस्तान की आपत्ति के चलते इस संगठन में भारत शामिल नहीं है।

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ओवैसी ने कहा- बिहार दंगों पर नीतीश को अफसोस नहीं

एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हिंसा को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि जब भी किसी राज्य में हिंसा होती है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर आती है। बिहारशरीफ में मदरसा अजीजिया को आग के हवाले किया गया। एक मस्जिद के मीनार को तोड़ा गया और मुस्लिमों की दुकानों को निशाना बनाया गया तो इससे साफ पता चलता है कि इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश हुई है।

ओवैसी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मालूम था कि नालंदा एक संवेदनशील जिला है, फिर भी ये हुआ। तो ये जो भी कुछ बिहार में हुआ उसकी जिम्मेदारी बिहार सरकार पर आती है। उन्हें मालूम था कि वहां हिंसा हो सकता है क्योंकि 2016 में भी इस तरह का हिंसा नालंदा में हुआ था। उन्हें इन सब से कोई तकलीफ नहीं हो रही है, वो कल इफ्तार में भी चले गए। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव मुसलमानों में डर पैदा करना चाहते हैं।

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