DA Hike News Update: देश भर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय के बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। यह नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी।
सरकार के इस फैसले से लगभग 50.46 लाख से अधिक कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। इस बढ़ोतरी के कारण सरकारी खजाने पर सालाना 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। चूंकि यह आदेश जनवरी 2026 से प्रभावी है, इसलिए कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया (एरियर) भी भुगतान किया जाएगा, जिससे उनकी जेब में एकमुश्त अतिरिक्त राशि आएगी।
महंगाई भत्ता, जो वेतन का एक अनिवार्य हिस्सा है, इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखना है। सरकार हर साल दो बार- जनवरी और जुलाई में-ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर DA और पेंशनभोगियों के लिए डियरनेस रिलीफ (DR) की समीक्षा करती है। पिछली बार अक्टूबर 2025 में DA को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया था।
बता दें कि यह महत्वपूर्ण निर्णय ऐसे समय में आया है जब विभिन्न कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। कर्मचारी संगठनों, विशेषकर नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक किया जाए। यदि यह मांग मान ली जाती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
कर्मचारी संगठनों की अन्य प्रमुख मांगों में परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को शामिल करना, वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए सीमा तय करना और महंगाई से जुड़े भत्तों में व्यापक सुधार शामिल है। हालांकि, वर्तमान में सरकार ने 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत ही DA में यह वृद्धि की है। इस फैसले को महंगाई के दौर में मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।





















