RSS Chief Mohan Bhagwa: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मौजूदा सफलता और ‘अच्छे दिन’ आरएसएस की वजह से ही संभव हुए हैं। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि संघ ने इस मुद्दे पर पूरी निष्ठा दिखाई थी और जो इसके साथ खड़ा हुआ, उसे इसका लाभ मिला।
भागवत ने यह बात ऐसे समय कही है जब पहले 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि पार्टी आरएसएस के बिना भी जीत सकती है। इस बयान से संघ के कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैली थी। अब मोहन भागवत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा के अच्छे दिन आरएसएस के प्रयासों से ही आए हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर आंदोलन संघ के नेतृत्व में चला था। इस आंदोलन में आरएसएस ने जो समर्पण दिखाया, उसका फायदा भाजपा को राजनीतिक रूप से मिला। इस तरह उन्होंने भाजपा को याद दिलाया कि आरएसएस उसका मातृ संगठन है और वैचारिक आधार भी वही है।
भागवत ने आरएसएस और भाजपा के रिश्ते पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अलग राजनीतिक दल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी में कई स्वयंसेवक हैं, लेकिन यह संघ की पार्टी नहीं है। आरएसएस सिर्फ हिंदू समाज को एकजुट करने का काम करता है। इसके अलावा उसका कोई और लक्ष्य नहीं है। स्वयंसेवकों के पास इतना समय ही नहीं होता कि वे अन्य काम करें। घरवालों से बात करें तो वे भी यही कहते हैं कि इन लोगों को घर पर भी समय नहीं मिलता।
आरएसएस और भाजपा के बीच संबंधों पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। संघ का कहना रहा है कि वह भाजपा को कार्यकर्ता देता है, लेकिन पार्टी के फैसलों में दखल नहीं देता। भागवत जी ने भी दोहराया कि आरएसएस किसी को फायदा पहुंचाने के लिए काम नहीं करता। बल्कि जो लोग संघ के विचारों की बात करते हैं, उन्हें स्वाभाविक रूप से लाभ मिलता है।
उन्होंने डॉ. हेडगेवार के हवाले से कहा कि संघ खुद कुछ नहीं करता, लेकिन उसके स्वयंसेवक समाज के हर महत्वपूर्ण काम में शामिल रहते हैं। वे स्वतंत्र रहकर काम करते हैं। संघ में नियंत्रण नहीं, बल्कि सहयोग की भावना होती है। राष्ट्र के लिए विचार है और उसी के अनुसार चलने वालों को फायदा होता है।















