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Nipah Virus Alert In India: भारत में जानलेवा निपाह वायरस का खौफ?, एशियाई देशों में एयरपोर्ट पर बढ़ी स्क्रीनिंग , जानें- लक्षण समेत सबकुछ

Nipah virus in india: पिछले साल के दिसम्बर माह में भारत में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद से एशिया के एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। निपाह वायरस एक ऐसा खतरनाक संक्रमित वायरस है जो सूअर और चमगादड़ से इंसानों में फैलता है। यह
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Published on: 8 February 2026
Nipah Virus Alert In India: भारत में जानलेवा निपाह वायरस का खौफ?, एशियाई देशों में एयरपोर्ट पर बढ़ी स्क्रीनिंग , जानें- लक्षण समेत सबकुछ

Nipah Virus Alert In India केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भारत ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि पिछले साल दिसंबर से पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस बीमारी के दो कन्फर्म मामले सामने आए हैं। मंत्रालय ने साफ किया कि मीडिया के कुछ हिस्सों में निपाह को लेकर अटकलें और गलत आंकड़े फैलाए जा रहे हैं, जिससे भ्रम पैदा हो रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक और वेरिफाइड जानकारी पर ही भरोसा करें और बिना पुष्टि की खबरें आगे न बढ़ाएं।मंत्रालय के अनुसार, जैसे ही दो मामलों की पुष्टि हुई, केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर तय प्रोटोकॉल के अनुसार तुरंत और व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम उठाए।

बयान में बताया गया कि कन्फर्म मामलों से जुड़े कुल 196 लोगों की पहचान की गई। सभी का पता लगाया गया, निगरानी की गई और उनकी जांच कराई गई। जांच में ये सभी लोग बिना किसी लक्षण के पाए गए। मंत्रालय ने आगे कहा कि इन सभी का निपाह वायरस टेस्ट नेगेटिव आया है। अब तक बीमारी का कोई अतिरिक्त मामला सामने नहीं आया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय जारी हैं।

एशियाई देशों में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग बढ़ी
बता दें कि पश्चिम बंगाल में निपाह के मामलों की खबर के बाद एशिया के कुछ हिस्सों में चिंता बढ़ी है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके चलते कई देशों ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के नियम सख्त कर दिए हैं। थाईलैंड ने तीन एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। वहीं, नेपाल ने काठमांडू एयरपोर्ट के साथ भारत से लगी अन्य जमीनी सीमा चौकियों पर आने वाले लोगों की जांच शुरू की है।

क्या हैं निपाह वायरस और इसके लक्षण ?
निपाह वायरस जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारी है। यह सूअर और चमगादड़ जैसे जानवरों से फैल सकता है। दूषित भोजन के जरिए और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने निपाह को कोविड-19 और जीका जैसे पैथोजन के साथ अपनी शीर्ष 10 प्राथमिकता वाली बीमारियों में रखा है, क्योंकि इसमें महामारी फैलने की क्षमता होती है।

इस वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड चार से 14 दिन का होता है। संक्रमित लोगों में अलग-अलग लक्षण दिख सकते हैं और कभी-कभी कोई लक्षण भी नहीं होते। शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और गले में खराश शामिल हैं। कुछ मामलों में ज्यादा नींद आना, चेतना में बदलाव और निमोनिया हो सकता है। गंभीर स्थिति में एन्सेफलाइटिस हो सकता है, जिससे दिमाग में सूजन आ जाती है और यह जानलेवा भी हो सकता है। फिलहाल निपाह के इलाज के लिए कोई दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

कब मिला था निपाह का पहला केस?
निपाह वायरस का पहला प्रकोप 1998 में मलेशिया में सूअर पालने वाले किसानों के बीच देखा गया था, जो बाद में सिंगापुर तक फैल गया। वायरस का नाम उस गांव के नाम पर पड़ा जहां यह पहली बार पाया गया था। इसे रोकने के प्रयासों के दौरान 100 से अधिक लोगों की मौत हुई और करीब 10 लाख सुअरों को मारना पड़ा, जिससे किसानों और पशुधन व्यापार से जुड़े लोगों को भारी नुकसान हुआ।

हाल के वर्षों में बांग्लादेश इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। साल 2001 से अब तक वहां 100 से अधिक लोगों की निपाह से मौत हो चुकी है। भारत में भी यह वायरस पहले सामने आ चुका है। साल  2001 और 2007 में पश्चिम बंगाल में इसके प्रकोप की खबरें आई थीं। केरल भी निपाह का हॉटस्पॉट रहा है, जहां साल  2018 में 19 मामले सामने आए थे और इनमें से 17 लोगों की मौत हुई थी।

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