General Naravane’s Autobiography Four Stars of Destiny: पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। प्रकाशक ने साफ कहा है कि किताब अभी तक छपी नहीं है और इसकी कोई भी कॉपी – चाहे प्रिंट हो या डिजिटल, बाजार में उपलब्ध नहीं है।
सोमवार को पेंगुइन इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके बताया कि किताब के प्रकाशन अधिकार सिर्फ उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि हाल की मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी प्रकाशित नहीं हुई है। न तो कोई प्रिंट कॉपी बेची गई है और न ही डिजिटल रूप में किसी को उपलब्ध कराई गई है।
प्रकाशक ने चेतावनी दी है कि अगर कहीं भी किताब की कोई कॉपी सर्कुलेट हो रही है – चाहे पूरी हो या आंशिक, PDF फॉर्मेट में हो या किसी अन्य रूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन – तो यह कॉपीराइट का साफ उल्लंघन है। ऐसी सभी कॉपियों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। पेंगुइन ने कहा कि वह गैर-कानूनी तरीके से किताब के फैलाव के खिलाफ कानून के तहत उपलब्ध सभी कदम उठाएगा।
Statement from the publisher. pic.twitter.com/pksacg3EeT
— Penguin India (@PenguinIndia) February 9, 2026
यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले सप्ताह लोकसभा में एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान जनरल नरवणे की इस “प्री-प्रिंट किताब” से कुछ उद्धरण देने की कोशिश की थी। सत्ता पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। इस मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ और कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। आखिरकार विपक्ष की नारेबाजी के बीच ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित हो गया।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने भी संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया और विभिन्न न्यूज प्लेटफॉर्म पर किताब की प्री-प्रिंट कॉपी लीक होने की खबरें मिली थीं। पुलिस की स्पेशल सेल ने “अभी तक मंजूर न हुई प्रकाशन के कथित लीक और उल्लंघन” के मामले में केस दर्ज कर लिया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने दोहराया कि किताब के प्रकाशन से पहले किसी भी तरह का लीक या बंटवारा गैरकानूनी है और वे इसकी सख्ती से निगरानी कर रहे हैं।

















