Prajasatta Side Scroll Menu

राजीव शुक्ला बोले- गांधी अहिंसा के पुजारी थे, लेकिन एक्शन जरूर चाहते थे; शेर को सवा शेर मिलना चाहिए

Rajeev Shukla

Congress Satyagraha: राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने रविवार को राजघाट पर ‘संकल्प सत्याग्रह’ कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब तक हम सक्रिय नहीं होंगे, तब तक कुछ नहीं होगा। शहीद भगत सिंह भी जब अदालत जाते थे, तो उनके साथी गाते जाते थे कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। वक्त आने पर बता देंगे तुम्हें ये आसमां, हम अभी से क्या बताएं, क्या हमारे दिल में हैं।’

राजीव शुक्ला ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि आज हम सब लोग राजघाट पर क्यों आए? कभी आपने सोचा क्या? क्यों हम सत्याग्रह कर रहे हैं? क्यों ये सोचा गया कि हम बापूजी के चरणों में चलें। बापूजी किस बात के प्रतीक थे? राजघाट पर लगी एक तस्वीर की ओर इशारा करते हुए राजीव शुक्ला ने कहा कि मैं उस तस्वीर की बात नहीं कर रहा हूं, जिसे कोने में मोदी सरकार ने लगाया है। जिसमें मोदी की तस्वीर से गांधीजी की फोटो एक इंच छोटे लगाए हैं।

यहां वीडियो भी देखिए…

हम सभी से बापूजी बड़े, इसलिए उनके चरणों में आए

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राजीव ने कहा कि हम यहां इसलिए आए हैं, क्योंकि गांधी प्रतीक थे संघर्ष के, बलिदान के। गांधीजी क्या राष्ट्रपति थे? मिनिस्टर थे? कभी किसी पद पर नहीं रहे। 1923 या 24 में एक बार कांग्रेस अध्यक्ष जरूर रहे हैं। इसके अलावा किसी पद पर नहीं रहे। लेकिन इस सभी लोगों से, जितने लोग पदों पर बैठे रहे उनसे बड़े आज गांधीजी रहे।

इसे भी पढ़ें:  बिहार से लेकर दिल्ली तक मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु

आज हमें उनके चरणों में आना पड़ा। गांधीजी ने हमें संघर्ष सिखाया है, तो राहुल गांधी को निकाल दीजिए संसद से। क्या फर्क पड़ता है। वे एमपी न रहें, मंत्री न रहें, पीएम का ऑफर बहुत पहले मिला था। वे भले ही किसी पद पर न रहें, लेकिन गांधीजी की तरह लड़ते रहेंगे।

शेर को सवा शेर मिलना चाहिए, हमारे पास अच्छे वकील

राजीव शुक्ला ने कहा कि यहां खरगे जी बैठे हैं, मैं कहता हूं एक नजीर मिल गई है। हमारे पास वकीलों का एक ग्रुप है। हम भी शुरू करते हैं मानहानि करना। गांधी अहिंसा के पुजारी थे, लेकिन एक्शन जरूर चाहते थे। शेर को सवा शेर मिलना चाहिए। हम मानहानि का दावा कभी करते नहीं हैं। चलो छोड़ो, कहकर छोड़ देते हैं। इससे कुछ नहीं होने वाला है।

कानून मंत्री बताएं कौन जज एंटी नेशनल?

सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि देश के कानून मंत्री किरेन रिजिजू जो कभी कांग्रेसी हुआ करते थे, वे कहते हैं सुप्रीम कोर्ट के कई जज राष्ट्र विरोधी हैं। इससे बड़ा मानहानि का मामला कोई नहीं हो सकता है। जाना चाहिए हमें अटॉर्नी जनरल के पास, ये उन्हें बताना चााहिए कि कौन एंटी नेशनल जज है? या फिर उन्हें ले जाओ कोर्ट में।

इसे भी पढ़ें:  ब्राज़ील में बवाल के बाद एक्शन में सुप्रीम कोर्ट, गवर्नर को किया निलंबित, जांच के आदेश

हम सक्रिय होंगे, तभी कुछ होगा

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब तक हम सक्रिय नहीं होंगे, तब तक कुछ नहीं होगा। शहीद भगत सिंह भी जब अदालत जाते थे तो उनके साथी गाते जाते थे कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है। वक्त आने पर बता देंगे तुम्हें ये आसमां, हम अभी से क्या बताएं, क्या हमारे दिल में हैं।’

बशीर बद्र के शेर से दिखाया आइना

अखिर में राजीव शुक्ला ने बशीर बद्र के एक शेर के जरिए कहा, ‘शोहरत की बुलंदी भी एक पल का तमाशा है और जिस साख पर बैठे हो वो टूट भी सकती है।’

इसे भी पढ़ें:  Tatkal Ticket: भारतीय रेलवे ने बदला काउंटर से तत्काल टिकट लेने का नियम, जाने पूरी जानकारी ..!

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘ये बात ध्यान में रखना चाहिए कि 24 (2024 लोकसभा चुनाव) आ रहा है, आप नीचे भी आ सकते हैं। अगर ये सोचो कि हमेशा सत्ता में रहेंगे, हम तो 50 साल के लिए आ गए, कहीं कुछ न होगा, तो ये आपकी बड़ी भूल है।’

राजीव शुक्ला ने 45 साल पुराने एक वाकये का जिक्र भी  किया। कहा कि जब इंदिराजी को छोटी सी बात पर प्रिविलेज कमेटी से बाहर किया गया, तो जनता उन्हें साढ़े तीन सौ सीटों से वापस लेकर आई थी। 2024 का चुनाव नजदीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि धैर्य रखिए, हिम्मत रखो, जुटे रहो, हम सभी आपके साथ हैं। हम इस विजय को हासिल करेंगे।

यह भी पढ़ें: 

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren breaking news today India government news India politics news latest news India national headlines top news India

Join WhatsApp

Join Now