Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG 2021 का रिजल्ट जारी करने को लेकर दी हरी झंडी

सुप्रीम कोर्ट भवन

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क|
NEET-UG के रिजल्ट घोषित करने को सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दिखा दी है| सुप्रीम कोर्ट ने 16 लाख परिणाम घोषित करने की इजाजत दे दी है| बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है| दरअसल, हाईकोर्ट ने दो छात्रों के लिए NEET रिजल्ट पर रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2 छात्रों के लिए परीक्षा परिणाम नहीं रोक सकते| 16 लाख छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं|

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी 2021 के फिर से आयोजन को लेकर आज यानी 28 अक्टूबर 2021 को सुनवाई हुई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने NEET एग्जाम के रिजल्ट घोषित करने की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने 2 छात्रों के लिए पुन: परीक्षण पर बॉम्बे HC के आदेश पर रोक लगाकर NEET UG रिजल्ट घोषित करने का रास्ता साफ कर दिया है।

इसे भी पढ़ें:  फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से दिल्ली उच्च न्यायालय ने किया इंकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनटीए को रिजल्ट घोषित नहीं करने के लिए कहा था, क्योंकि दो उम्मीदवारों ने यह दावा किया था कि 12 सितंबर को आयोजित एनईईटी परीक्षा के दौरान उनकी परीक्षा पुस्तिकाएं और ओएमआर शीट मिक्स हो गई थीं। जस्टिस एल नागेश्वर राव, दिनेश माहेश्वरी और बीआर गवई की तीन-न्यायाधीशों की बेंच ने आज आदेश दिया, ”हम हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हैं। एनटीए नीट यूजी रिजल्ट की घोषणा कर सकता है।”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दो छात्रों के लिए करीब 16 लाख छात्रों के रिजल्ट पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि NEET परीक्षा दो छात्रों, वैष्णवी भोपाली और अभिषेक शिवाजी के लिए आयोजित की जानी चाहिए, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें गलत सीरियल नंबर के साथ प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं दी गई थीं।

इसे भी पढ़ें:  US Proposed New Tariff: भारत पर लगेगा 12.5% का भारी जुर्माना? अमेरिकी रिपोर्ट से हड़कंप

केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें कहा गया था कि एनटीए रिजल्ट तैयार होने पर भी उसे जारी नहीं कर सकता है। केंद्र सरकार ने अपनी अपील में कहा कि नीट रिजल्ट में देरी से ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन प्रभावित होगा।

बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पहले उन ग्रुप को गिरफ्तार किया था जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों को प्रश्न पत्र हल करने में मदद की थी। कुछ मेडिकल उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को परीक्षा रद्द करने और फिर से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने की मांग की थी क्योंकि यह पहले निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि लाखों छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं और कुछ प्राथमिकी के कारण रिजल्ट रद्द नहीं किए जा सकते।

इसे भी पढ़ें:  सरकार की पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अभी कोई योजना नहीं
Aaj Ki Khabren breaking news today India government news India politics news latest news India national headlines top news India

Join WhatsApp

Join Now