Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

US Proposed New Tariff: भारत पर लगेगा 12.5% का भारी जुर्माना? अमेरिकी रिपोर्ट से हड़कंप

India US Trade Talks New Delhi: नई दिल्ली में चल रही तीन दिवसीय द्विपक्षीय व्यापार वार्ता के बीच अमेरिका ने जबरन मजदूरी विरोधी नियमों का हवाला देकर भारत सहित 60 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है।
US Proposed New Tariff: भारत पर लगेगा 12.5% का भारी जुर्माना? अमेरिकी रिपोर्ट से हड़कंप

US Proposed New Tariff: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली में तीन दिनों की बेहद महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इसी संवेदनशील समय पर अमेरिकी प्रशासन की ओर से एक ऐसा कदम उठाया गया है, जिसका सीधा और बड़ा असर भारतीय निर्यातकों सहित कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ सकता है। यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने अपनी नवीनतम जांच रिपोर्ट जारी की है, जिसने व्यापारिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की इस नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत समेत दुनिया के करीब 60 देशों ने अपने यहां ऐसे सामानों के आयात पर प्रभावी और कड़े प्रतिबंध नहीं लगाए हैं, जो कथित तौर पर जबरन मजदूरी (Forced Labour) के जरिए तैयार किए जाते हैं। USTR ने इसी आधार को मुख्य कारण बताते हुए इन सभी चिन्हित देशों से अमेरिका आने वाले विभिन्न उत्पादों पर अतिरिक्त आयात शुल्क यानी टैरिफ लगाने का एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार किया है।

इस प्रस्ताव के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो जिन देशों का अमेरिका के साथ फिलहाल कोई पारस्परिक व्यापार (Reciprocal Trade) समझौता अस्तित्व में नहीं है, उन पर 12.5 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान रखा गया है। भारत वर्तमान में इसी विशेष श्रेणी के अंतर्गत शामिल है। दूसरी ओर, जिन देशों ने जबरन मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए अमेरिका के साथ कोई समझौता किया है या सख्त नियम लागू किए हैं, उनके लिए यह दर 10 फीसदी प्रस्तावित की गई है।

इसे भी पढ़ें:  सिकंदराबाद में लगी भीषण आग, 6 लोगों की झुलसकर मौत

यह घटनाक्रम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। भारतीय और अमेरिकी अधिकारी इस समय नई दिल्ली में बैठकर द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिशों में जुटे हैं। भारत की इस वार्ता में मुख्य कोशिश यही है कि उसे अमेरिकी ट्रेड एक्ट की धारा यानी सेक्शन 301 की जांच से जुड़े जटिल मुद्दों पर बड़ी राहत मिल सके। साथ ही भारतीय उत्पादों पर अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम से कम टैरिफ लगाया जाए ताकि घरेलू निर्यात बाजार मजबूत बना रहे।

इसे भी पढ़ें:  आदिपुरुष को लेकर चल रहे विवाद पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी अपनी प्रतिक्रिया

दोनों पक्षों के बीच जारी इस वार्ता में यदि परिस्थितियां सकारात्मक रहती हैं और दोनों देशों को इस समझौते में “निष्पक्ष, संतुलित और न्यायसंगत” शर्तें हासिल होती हैं, तो इस द्विपक्षीय समझौते की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है। इसके बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के आधिकारिक भारत दौरे की संभावना भी जताई जा रही है, जो इस व्यापारिक रिश्ते को एक नई दिशा दे सकता है।

व्यापारिक मामलों में इस्तेमाल होने वाला ‘सेक्शन 301’ वास्तव में अमेरिका के ट्रेड एक्ट का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली कानूनी प्रावधान है। इसके अंतर्गत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को यह विशेष अधिकार प्राप्त है कि वह किसी भी विदेशी राष्ट्र की व्यापार नीतियों, घरेलू नियमों या उनके बाजार व्यवहार की विस्तृत जांच कर सकता है।

इसे भी पढ़ें:  Bribe Case: CBI ने ED सहायक निदेशक विशालदीप के खिलाफ रिश्वत मामले में अपने ही DSP बलबीर सिंह को किया गिरफ्तार..!

यदि इस आधिकारिक जांच में यह पुष्टि होती है कि संबंधित देश की नीतियां अमेरिकी व्यापार के लिए अनुचित, भेदभावपूर्ण या नुकसानदेह हैं, तो अमेरिका उस देश के खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ या व्यापारिक प्रतिबंध जैसी सख्त कार्रवाई लागू कर सकता है।

यदि वाशिंगटन द्वारा प्रस्तावित यह नया टैरिफ ढांचा पूरी तरह से लागू कर दिया जाता है, तो भारत से अमेरिकी बाजारों में निर्यात होने वाले कई महत्वपूर्ण उत्पाद काफी महंगे हो जाएंगे। कीमतों में होने वाली इस बढ़ोतरी से अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर सीधा और विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

इस संभावित फैसले का सबसे गहरा असर भारत के टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, केमिकल्स और अन्य बड़े निर्यात आधारित उद्योगों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, भारतीय वाणिज्यिक जानकारों का कहना है कि फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है और इस पर अंतिम मुहर अमेरिकी प्रशासन की आगे की विधिक प्रक्रिया और वर्तमान में चल रही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के अंतिम नतीजों पर ही निर्भर करेगी।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Export News India US Trade Indian Economy Section 301 Trade War Update USA Tariff

Join WhatsApp

Join Now