Chandigarh Cashier Murder Case: चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में हुए बहुचर्चित जानकी दास हत्याकांड के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस वारदात के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए तीन शूटरों को जब जम्मू से चंडीगढ़ लाया जा रहा था, तब आरोपितों ने रास्ते में पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। आरोपितों द्वारा अचानक किए गए इस प्रयास के बाद पुलिस टीम को मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी और जवाबी फायरिंग करनी पड़ी।
इस पुलिस कार्रवाई के दौरान दो मुख्य आरोपितों के पैर में गोली लगी है, जबकि तीसरे आरोपित को भी पुलिस बल ने पूरी सतर्कता के साथ मौके पर ही दोबारा काबू में कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की इस जवाबी कार्रवाई और फायरिंग में घायल होने वाले आरोपितों की पहचान आर्यन और सन्नी मेहरा के रूप में हुई है।

पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ चलाई गई गोली इन दोनों आरोपितों के पैर में लगी है, जिससे वे मौके पर ही गिर गए और घायल हो गए। इस घटना के तुरंत बाद दोनों घायल आरोपितों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उनका उपचार चल रहा है। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, गोली लगने के बावजूद दोनों घायल आरोपितों की स्थिति फिलहाल पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम जानकी दास हत्याकांड में जम्मू से गिरफ्तार किए गए इन तीनों आरोपितों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर लेकर वापस चंडीगढ़ लौट रही थी। जम्मू से चंडीगढ़ आने वाले रास्ते में ही आरोपितों ने कथित तौर पर पुलिस टीम को चकमा देकर उनकी कस्टडी से भागने का प्रयास किया। पुलिस कर्मियों ने पहले तो भाग रहे आरोपितों को रुकने की चेतावनी दी और उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं रुके तो पुलिस को जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलानी पड़ी।
उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा हुआ है। इस वारदात के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए अपनी कई टीमों को सक्रिय किया था और देश के अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी करते हुए दबिश दी थी। सघन जांच और तकनीकी इनपुट के आधार पर इस हत्याकांड का सीधा संबंध केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से होना पाया गया था।
जम्मू-कश्मीर कनेक्शन का खुलासा होने के तुरंत बाद चंडीगढ़ पुलिस की टीमों ने वहां एक विशेष धरपकड़ अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के पांच दिन बाद तीनों आरोपितों आरियन, सन्नी मेहरा और उनके एक अन्य साथी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की थी। इन आरोपितों को वहां की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम चंडीगढ़ ला रही थी, जिस दौरान रास्ते में उन्होंने भागने का असफल प्रयास किया। फिलहाल पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को पूरा करने में जुटा हुआ है।
















