CJP Protest: संसद के मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को भारी तनाव देखा गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के कारण पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। जंतर-मंतर पर लाखों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए, जहां विपक्षी नेताओं ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच परीक्षा सुधारों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने जब जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर बढ़ने के लिए पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया, तो सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। शास्त्री भवन और पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों ने संसद भवन के पास भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के समीप नारेबाजी कर रहे सीजेपी के कम से कम सात कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।

उधर पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया है। सौरव दास ने सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही हिंसा की खबरों को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है।
इस बीच, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मानसून सत्र के दौरान सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। खड़गे ने कहा कि यह लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है और सरकार बल प्रयोग करके उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और आतिशी भी शामिल हुए।
दिल्ली में बढ़ते तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद परिसर स्थित कार्यालय में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। हालांकि, इस बैठक में हुई चर्चा का विवरण साझा नहीं किया गया है। सीजेपी नीट अनियमितताओं और परीक्षा सुधारों को लेकर बीते 20 जून से जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रही है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।
आंदोलन स्थल पर भीड़ न बढे इसलिए सरकार के निर्देश पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने राजीव चौक और पटेल चौक सहित पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया। इस फैसले के कारण सैकड़ों यात्री स्टेशनों पर फंस गए और केंद्रीय दिल्ली में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने मेट्रो परिसर के अंदर ही नारेबाजी की, जिन्हें हटाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कार्रवाई करनी पड़ी।
दूसरी ओर, सफदरजंग अस्पताल में इलाज करा रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनुरोध पर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है। वांगचुक खुद 21 दिनों के उपवास के बाद अस्पताल में भर्ती हैं। सीजेपी नेताओं ने बताया कि वे सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टता नहीं मिली है। इस आंदोलन के समर्थन में गुजरात के अहमदाबाद और अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए, जहां पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में कई लोगों को हिरासत में लिया है।


















