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Fake Traffic challan Scam: फर्जी ई-चालान के जाल में फंसाने लगे साइबर ठग, एक क्लिक में खाली हो सकता है अकाउंट

Fake Traffic challan Scam: फर्जी ई-चालान के जाल में फंसाने लगे साइबर ठग, एक क्लिक में खाली हो सकता है अकाउंट

Fake Traffic challan Scam: साइबर ठग अब लोगों को ठगने के लिए हर दिन नए तरीके अपना रहे हैं। कभी बैंक से जुड़े फिशिंग मैसेज भेजे जा रहे हैं तो कभी फर्जी ई-चालान का डर दिखाकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ पोस्ट्स ने इस नए ऑनलाइन फ्रॉड की पोल खोल दी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होते-होते बच गया। यूजर ने लिखा कि उसे ऐसा मैसेज मिला, जिसे देखकर वह लगभग अपने कार्ड की जानकारी डालने ही वाला था। बाद में जब उसने लिंक के डोमेन की जांच की तो उसे ठगी का शक हुआ। यूजर का कहना था कि सोचने वाली बात यह है कि कितने लोग ऐसे जाल में फंस रहे होंगे और कितना बड़ा फ्रॉड चल रहा होगा।

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यूजर ने अपने पोस्ट के साथ कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए। इनमें दिखाया गया कि उसे एक SMS मिला था, जिसमें दावा किया गया था कि उसकी गाड़ी तेज रफ्तार में चलने के कारण ट्रैफिक कैमरे में कैद हो गई है। मैसेज में चालान भरने के लिए एक लिंक दिया गया था और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह भी लिखी गई थी, ताकि मैसेज पूरी तरह असली लगे।

इसी पोस्ट के नीचे एक अन्य यूजर ने Airtel का एक वार्निंग मैसेज साझा किया, जिसमें “Airtel Warning: SPAM” लिखा था। इसके साथ वही फर्जी ट्रैफिक चालान वाला मैसेज और लिंक मौजूद था, जिससे साफ हो गया कि यह एक स्कैम है।

हालांकि यह यूजर समय रहते सतर्क हो गया, लेकिन ऐसे मैसेज आम लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। अचानक चालान का मैसेज आने से लोग घबरा जाते हैं और बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर देते हैं। कई मामलों में जैसे ही लिंक खुलता है, साइबर ठग बैंक डिटेल और OTP हासिल कर लेते हैं और खाते से पैसा निकाल लेते हैं।

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उधर, पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ पहले भी इस तरह के फिशिंग स्कैम को लेकर चेतावनी दे चुके हैं। उनका कहना है कि ऐसे मैसेज जानबूझकर असली ई-चालान जैसे बनाए जाते हैं, ताकि लोग आसानी से भरोसा कर लें और ठगी का शिकार हो जाएं।

साइबर पुलिस का कहना है कि असली ट्रैफिक चालान की जानकारी केवल सरकारी पोर्टल या आधिकारिक ऐप पर ही मिलती है। किसी भी अनजान SMS या लिंक पर क्लिक न करें। अगर चालान की जानकारी देखनी हो, तो सीधे परिवहन विभाग या ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर जाकर जांच करें। किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

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डिजिटल दौर में थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए चालान या भुगतान से जुड़े किसी भी मैसेज पर बिना जांच भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। सतर्क रहकर ही ऐसे साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है।

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मेरा नाम विनोद कुमार पॉल है। मैं प्रजासत्ता न्यूज़ नेटवर्क में कंटेंट राइटर के रूप में काम करता हूँ। मुझे गैजेट और ऑटोमोबाइल न्यूज़ पर लेख लिखना बहुत पसंद है। मेरा उद्देश्य पाठकों को जानकारीपूर्ण और आकर्षक सामग्री प्रदान करना है।

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