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Shoolini Litfest 2025 में इला अरुण ने साझा किए अपने अनुभव, लोक संस्कृति के महत्व पर डाली रोशनी..!

Published on: 30 March 2025
Shoolini Litfest 2025 में इला अरुण ने साझा किए अपने अनुभव, लोक संस्कृति के महत्व पर डाली रोशनी..!

Shoolini Litfest 2025: शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे तीन दिवसीय शूलिनी लिटफेस्ट 2025 का दूसरा दिन कला, साहित्य और संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। इस भव्य आयोजन में देशभर से आईं कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेत्री और गायिका इला अरुण ने मीडिया से विशेष बातचीत करते हुए अपने चार दशक से अधिक लंबे कला सफर के अनुभव साझा किए।

अपने सत्र के बाद मीडिया से बातचीत में इला अरुण ने कहा कि उन्होंने न केवल शानदार गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि अभिनय में भी अपनी खास पहचान बनाई। उन्होंने बताया कि ‘चोली के पीछे’ और ‘रिंगा रिंगा’ जैसे प्रतिष्ठित गीतों के साथ-साथ ‘लम्हे’, ‘जोधा अकबर’ और ‘बेगम जान’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सभी ने सराहा। इस सराहना के लिए उन्होंने दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

कला और लोक संस्कृति के प्रति प्रेम

इला अरुण ने कहा कि उनका दिल लोक संस्कृति में बसता है। उन्होंने कहा, “मुझे लोक संस्कृति से बेहद प्यार है। यह मेरी जड़ों से जुड़ी हुई है और मैं मानती हूं कि यह हर कलाकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।” उनका मानना है कि लोक संगीत और संस्कृति को समझना और उसे अपनी कला में शामिल करना एक कलाकार को उसकी सच्ची पहचान दिलाता है।

रंगमंच की चुनौतियां और सिनेमा की दुनिया

उन्होंने अपनी नवीनतम पुस्तक ‘पर्दे के पीछे’ के बारे में भी बताया, जो उनके रंगमंच के जीवन से प्रेरित है। इस पुस्तक में उन्होंने अपनी यात्रा की चुनौतियों और जीतों पर गहराई से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि रंगमंच पर अपने संघर्षों और सफलताओं को वे व्यक्तिगत रूप से महसूस करती हैं। उनका कहना है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपने लक्ष्य को पहचानने की जरूरत होती है और अगर इंसान अपने उद्देश्य को समझे और मेहनत करे, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।

रियलिटी शो और नई पीढ़ी के कलाकारों को लेकर विचार

इला अरुण ने वर्तमान दौर के रियलिटी शो के बारे में भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि आजकल कलाकारों को एक अच्छा मंच मिल रहा है, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। ऐसे प्लेटफॉर्म न केवल उन्हें प्रसिद्धि दिलाते हैं, बल्कि उनकी सृजनात्मकता को भी बाहर लाते हैं।

विवादों पर प्रतिक्रिया

अपने गानों पर हुए विवादों को लेकर इला अरुण ने कहा, “मेरे गाने अश्लील नहीं हैं। लोगों को पसंद हैं, इसलिए चल रहे हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कला की स्वतंत्रता को सम्मान मिलना चाहिए और हर कलाकार को अपनी कला को अभिव्यक्त करने की आजादी होनी चाहिए।

इला अरुण: एक बहुमुखी कलाकार

इला अरुण न सिर्फ टीवी और बड़े पर्दे की एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि एक प्रतिष्ठित राजस्थानी लोक गायिका भी हैं। उन्होंने बॉलीवुड में अपनी गायन और अदाकारी से अलग पहचान बनाई है। उनके गीतों में पारंपरिक और आधुनिक संगीत का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। उन्होंने हिंदी, राजस्थानी, मराठी और कई अन्य भाषाओं में गीत गाए हैं और छोटे पर्दे पर भी अपनी खास छवि बनाई है।

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