Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

GDP Growth: इस रेटिंग एजेंसी ने किया खुलासा, भारत की अर्थव्यवस्था भर रही उड़ान,

India GDP Growth : भारत की जीडीपी ग्रोथ गिरकर 6.5% पर पहुंची, अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ी

GDP Growth: निरंतर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी उच्च टैरिफ नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में व्याप्त उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था एक उल्लेखनीय और दृढ़ गति से आगे बढ़ रही है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) ने अपने ताजा आर्थिक पूर्वानुमान में संकेत दिया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 7.2% की ठोस दर से वृद्धि कर सकता है। एजेंसी के विश्लेषण के अनुसार, इस वृद्धि की प्रमुख प्रेरक शक्ति निजी खपत यानी उपभोग में दिख रही तेजी होगी।

पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो अप्रैल-जून 2025 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी विकास दर 7.8% रही थी, जो पिछले पांच तिमाहियों में सर्वाधिक तेज रफ्तार है। इसके पूर्व, वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में वृद्धि दर 5.6% पर थी।

इसे भी पढ़ें:  Qatar Navy Men Case: बड़ी राहत ! मौत की सजा पाने वाले भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को अब नहीं मिलेगी फांसी

प्रासंगिक रूप से, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) 28 नवंबर, 2025 को वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के आधिकारिक जीडीपी आंकड़े जारी करेगा। इंडिया रेटिंग्स का मानना है कि 2011-12 की कीमतों पर आधारित भारत की वास्तविक जीडीपी, पिछले पांच तिमाहियों में सबसे तीव्र गति से बढ़ेगी।

एजेंसी के अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक श्री पारस जसराय ने स्पष्ट किया कि निजी उपभोग इस विकास का केंद्रीय स्तंभ है। उन्होंने कहा कि उच्च और निम्न, दोनों ही आय वर्गों की वास्तविक आय में सुधार देखा गया है, जिसने घरेलू मांग को मजबूत आधार प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचा क्षेत्र की स्थिति मजबूत बनी हुई है, वस्तु एवं सेवा निर्यात में वृद्धि जारी है और सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन भी रिकॉर्ड स्तर पर है – ये सभी कारक मिलकर दूसरी तिमाही में वृद्धि को समर्थन दे रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  Mothers Day 2024: जानिए किस वजह से हुई थी मदर्स डे की शुरुआत..! जानें इस दिन का महत्त्व और इतिहास

विशेष रूप से, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में निजी खपत में 8% की महत्वपूर्ण छलांग का अनुमान है। यह दर पिछले वर्ष की पहली तिमाही में दर्ज 7% और दूसरी तिमाही में दर्ज 6.4% से कहीं अधिक है। इस उछाल के पीछे केंद्र सरकार द्वारा बजट में घोषित आयकर राहत के प्रावधानों को एक प्रमुख कारक माना जा रहा है, जिसने जनता की क्रय शक्ति में वृद्धि की है।

इसके साथ ही, दूसरी तिमाही में निवेश की मांग भी सालाना आधार पर 7.5% की मजबूत दर से बढ़ी है। इस निवेश वृद्धि में सरकार के पूंजीगत व्यय (केपेक्स) ने एक निर्णायक और सराहनीय भूमिका निभाई है। सरकार के इन सतत प्रयासों ने न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान की है, बल्कि निजी क्षेत्र के निवेश को भी प्रोत्साहित किया है, जिससे अर्थव्यवस्था के समग्र विकास पथ को मजबूती मिल रही है।

इसे भी पढ़ें:  M.Phil Not Recognized Degree: M.Phil डिग्री मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं, UGC की सलाह-एमफिल पाठ्यक्रम में प्रवेश न लें छात्र
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल