Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

हिमाचल में ढील से स्वास्थ्य विभाग ने फिर जताई कोरोना संक्रमण बढऩे की आशंका

कोरोना संक्रमण

प्रजासत्ता|
हिमाचल प्रदेश में कोरोना नियमों में ढील मिलने के बाद सैलानियों का यहां आना शुरू हो गया है। प्रदेश में प्रतिबंधों को आंशिक रूप से हटाने के बाद शिमला, धर्मशाला, मनाली समेत तमाम हिस्सों में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचने लगे हैं। इस कारण चंडीगढ़ हाइवे समेत तमाम रास्तों पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिल रही है। इसके अलावा शिमला, मनाली, कुफरी, कसौली समेत तमाम पर्यटन स्थलों के होटल्स भी अब बुक होने लगे हैं।

वहीँ स्वास्थ्य विभाग ने हिमाचल में प्रतिबंधों में आंशिक ढील के कारण कोरोना संक्रमण के फिर बढऩे की आशंका जताई है। इसके लिए सबसे कारगर उपाय मास्क का इस्तेमाल और शारीरिक दूरी का पालन बताया है। मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश डा. निपुण जिंदल का कहना है प्रतिबंधों में ढील से कोरोना संक्रमण के फिर से बढऩे की आशंका है। ऐसे में एहतियात जरूरी है।

इसे भी पढ़ें:  छतीसगढ़ नक्सली हमले के विरोध में शिमला ने ABVP का धरना प्रदर्शन

आकलन में सामने आया कि कोरोना की पहली लहर सबसे उच्च स्तर पर नवंबर, 2020 में थी। दूसरी लहर मई में पहली लहर के उच्च स्तर से पांच गुणा अधिक थी। मई में कोरोना मामलों में 22.1 की अधिकतम ऊंंचाई देखने को मिली, जो 3.5 हो गई है। प्रदेश में कोरोना का पहला पहला मामला मार्च, 2020 में आया और उसके बाद तीन और मामले आए।

कोरोना नियमों को पालन करने की सलाह
प्रदेश में छुट्टी मनाने वालों को पुलिस ने प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है क्योंकि कोविड 19 का खतरा बहुत अधिक है। राज्य ने सोमवार मध्यरात्रि से राज्य में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों के लिए ई-पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसमें केवल अनिवार्य आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता और होम क्वारंटीन नियमों में ढील दी गई है।

इसे भी पढ़ें:  झूठी कांग्रेस का पाप का घड़ा भर गया है :- सुखराम चौधरी
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल