Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

छैला-यशवंत नगर वाया नेरी पुल सड़क का 70 करोड़ से होगा सुदृढ़ीकरणः मुख्यमंत्री

Published on: 21 July 2023
छैला-यशवंत नगर वाया नेरी पुल सड़क का 70 करोड़ से होगा सुदृढ़ीकरणः मुख्यमंत्री

शिमला|
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सेब उत्पादकों को सुविधा प्रदान करने और उनकी उपज के लिए एक सुचारू परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारी बारिश से आई आपदा के बाद राज्य सरकार सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़कों की बहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि बागवानों को सुचारू परिवहन सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने यह बात वीरवार सायं आढ़ती संघ के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र बहाली के लिए युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परिवहन संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए, राज्य सरकार नेरी पुल के माध्यम से छैला से यशवंत नगर सड़क को मजबूत करने को प्राथमिकता दे रही है। सेब सीजन के दौरान बागवानों के सामने आने वाली किसी भी परिवहन बाधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत इसके लिए 70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की परियोजना का एक प्रस्ताव तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि भंडारण सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार राज्य भर में प्रमुख स्थानों पर नियंत्रित वातावरण (सीए) स्टोर स्थापित करने की योजना बना रही है। ये सीए स्टोर भावानगर (किन्नौर), संदासू (चिड़गांव), अणु (जुब्बल), चौपाल (शिमला), जाबली (सोलन), सुंदरनगर (मंडी), दत्तनगर (रामपुर बुशहर) और खड़ापत्थर (शिमला) में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, दिल्ली में कुंडली सीमा पर राज्य सरकार की भूमि पर एक और सीए स्टोर बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है।

ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार एक डिस्टिलरी स्थापित करने पर भी विचार कर रही है ताकि निम्न गुणवत्ता के सेब से भी बागवान लाभ अर्जित कर सकें। इस पहल का उद्देश्य उन सेबों का उपयोग करना है जो बाजार के ताजा उपज मानकों को पूरा नहीं कर सकते हैं। डिस्टिलरी की स्थापना से सरकार निम्न गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों को मूल्यवान संसाधन के रूप में प्रसंस्कृत करेगी ताकि उत्पादकों की आय में वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सेब उत्पादकों को शोषित करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ अपने रुख पर कायम है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आढ़ती संघ ने बागवानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था के आधार पर सेब तोलने या खरीदने पर सहमति जताई। संघ ने बागवानों को समर्थन एवं फल खरीद में हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश की प्रतिबद्धता के अनुरूप अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने का विश्वास जताया। इस अवसर पर चिंतपूर्णीं से विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और रितेश कपरेट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

Shimla HP newsShimla latest updateShimla Local NewsShimla News TodayShimla tourism newsShimla Weather Update

Join WhatsApp

Join Now