MBU Fake Degree Case: हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित फर्जी डिग्री घोटाले में बड़ा झटका लगा है। शिमला की विशेष पीएमएलए अदालत ने सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय के दो प्रमुख प्रमोटरों – मनदीप राणा और उनकी मां अशोनी कंवर को भगौड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई भगौड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) 2018 के तहत की गई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, दोनों आरोपी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में छिपे हुए हैं और भारतीय अदालतों के समन का जवाब नहीं दे रहे। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रमोटर राजकुमार राणा (अशोनी कंवर के पति) पहले से ही इस मामले में आरोपी हैं। ED की जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी डिग्रियां बेचकर आरोपियों ने करीब 387 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की थी, जिसे विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया गया।
उल्लेखनीय है कि मामले की शुरुआत 2020 में हुई, जब ED ने पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया। दिसंबर 2022 में राजकुमार राणा समेत 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। जनवरी 2023 में अदालत ने संज्ञान लेते हुए अशोनी कंवर और मनदीप राणा को समन जारी किए, लेकिन दोनों ने अनुपालन नहीं किया। नवंबर 2023 में उनके खिलाफ ओपन-एंडेड नॉन-बेलेबल वारंट जारी हुए। अब FEO घोषणा के बाद ED उनकी संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
यह कानून उन आर्थिक अपराधियों पर सख्ती के लिए बनाया गया है जो 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर देश छोड़कर भाग जाते हैं। इससे पहले विजय माल्या और संजय भंडारी जैसे बड़े नामों को इसी कानून के तहत भगौड़ा घोषित किया जा चुका है। बता दें कि मानव भारती विश्वविद्यालय बहुचर्चित फर्जी डिग्री घोटाला हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा कलंक है, जिसमें हजारों छात्रों को बिना पढ़ाई के फर्जी डिग्रियां बेची गईं।













