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आप में शामिल हुए एथलीट सुनील शर्मा ने जयराम और केंद्रीय मंत्री अनुराग पर लगाए गंभीर आरोप

आप शामिल हुए एथलीट सुनील शर्मा ने जयराम और केंद्रीय मंत्री अनुराग पर लगाए गंभीर आरोप
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सिरमौर|
अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा मैराथन धावक सुनील शर्मा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। हिमाचल के चुनाव प्रभारी एवं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सुनील को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद मंगलवार को वह नाहन पहूंचे जहाँ उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र व हिमाचल की भाजपा सरकार पर एथलीटों की अनदेखी के आरोप भी लगाए।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ठेकेदारों व माफिया की पार्टी है। भाजपा सरकार खेल मंत्री के गृह जिला के खिलाड़ियों के लिए ही पॉलिसी बनाती है। दूसरे जिलों के लिए सरकार कुछ नहीं करती है।

सुनील शर्मा ने कहा कि वह दो लाख किलोमीटर दौड़ कर इतने नहीं थके, जितने पिछले 6 वर्षों में प्रदेश विधानसभा व सचिवालय शिमला के चक्कर लगाकर थक गए हैं। सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर आरोप लगाया कि आखिर एथलीटों के लिए क्यों पॉलिसी नहीं बनाते। राफ्टिंग और स्‍कीइंग के लिए कैसे पालिसी बनी तथा कितने देश हैं जो राफ्टिंग और स्कीइंग खेलते हैं।

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सुनील शर्मा ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर एथलीटो की अनदेखी का आरोप लगाया। सुनील शर्मा का कहना है कि यदि वह किसी मंत्री, विधायक, सांसद के रिश्तेदार या परिवार के सदस्य होते तो उन्हें अब तक सरकार द्वारा नौकरी दे दी जाती। मगर वह एक किसान के बेटे तथा एक फौजी के भाई हैं। इसलिए हिमाचल सरकार पिछले 6 वर्षों में एथलीटों के लिए कोई भी पालिसी नहीं बना पाई।

सुनील शर्मा ने बताया कि वह चार बार अल्ट्रा मैराथन में नेशनल चैंपियन रह चुके हैं। ओसिया एवं ओसियन वर्ल्ड चैंपियनशिप ताइपेन में हुई थी। उसमें इंडिया की टीम ने ब्रांच जीता था, उस टीम के सदस्य थे। वह फ्रांस, ब्राजील, ताइवान, साउथ अफ्रीका तथा यूएसए में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ल्ड की सबसे कठिन वेड वाटर प्रतियोगिता में सबसे फास्‍ट रनर्स रहे हैं।

सुनील शर्मा ने कहा कि राजनीति में खेल होना चाहिए, मगर इंडिया में तो खेलों में ही राजनीति हो रही है। न तो यहां पर खिलाड़ियों को खेल स्टेडियम व अन्य सुविधाएं मिल रहे हैं। ना ही उन्हें बेहतर कोच मिलते हैं, जो बेहतर कोच होते हैं उन्हें राजनीति के चलते दरकिनार कर दिया जाता है।

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