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बद्दी को साफ सुथरा बनाये रखने में अहम योगदान के लिए सौरव सिंह को सम्मान

ओम शर्मा। बद्दी पिछले 15 वर्षों से प्रदेश के सबसे बड़े औधोगिक क्षेत्र व नगर परिषद बद्दी को अथक प्रयासों से साफ सुथरा रखने में अहम भूमिका निभाने वाले सौरव सिंह को चितकारा यूनिवर्सिटी ने पर्यावरण रक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। टारगेट ग्रीन प्लानेट एनजीओ के संचालक सौरव सिंह अपनी टीम के साथ पिछले 15 सालों से बद्दी के कचरे का वैधानिक ढंग से निष्पादन कर क्लीन बद्दी ग्रीन बद्दी के नारे को धरातल पर चरितार्थ कर रहे हैं। अटल शिक्षा कुंज कालूझींडा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी के एनएसएस शिविर में बतौर मुख्यातिथि टारगेट ग्रीन प्लानेट एनजीओ के संचालक सौरव सिंह ने शिरकत की। सौरव सिंह ने चितकारा यूनिवर्सिटी के स्वंयसेवकों को संबोधित करते हुए कहा के पर्यावरण की रक्षा और अपने क्षेत्र को साफ सुथरा रखना हम सब का कर्म नहीं बल्कि धर्म है। जैसे हम अपने घर की गंदगी को साफ करते हैं वैसे ही अपने क्षेत्र को साफ सुथरा रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा के लोग अपने घर के कचरे को तो साफ कर लेते हैं लेकिन उसी कचरे को उठाकर बाहर खुली जगह में जाकर फेंक देते हैं। सौरव सिंह ने कहा के हमेशा कचरे को चिन्हित स्थानों व डस्टबिन में फेंके। घर से गीले और सूखे कचरे को हमेशा अलग अलग करके निकालें और सफाई कर्मचारियों का हमेशा सहयोग करें। कई बार देखा गया है के लोग शहर को साफ सुथरा रखने वाले सफाई कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं जो के गलत है। सफाई कर्मचारी भी इंसान है जो अपने काम को ईमानदारी से करते हुए कूड़े कचरे को उठाकर सही ढंग से निष्पादन स्थान तक पहुंचाते हैं। सौरव सिंह ने बच्चों को जनसेवा व पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी के प्रोत्साहित करते हुए यूथ एक्सप्रेस कहकर संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को पुरस्कार भी वितरित किये। चितकारा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अशोक ठाकुर ने बताया के 7 दिवसीय एनएसएस शिविर के दौरान बच्चों ने आसपास के क्षेत्र व यूनिवर्सिटी प्रांगण को सवारने के साथ साथ लोगों को भी पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूक किया। इस दौरान सौरव सिंह के साथ टारगेट ग्रीन प्लानेट एनजीओ के सुरेंद्र सिंह, कुलदीप कौशिक, प्रोफेसर अशोक ठाकुर, एनएसएस की पूरी टीम व स्वंयसेवी मौजूद रहे।

ओम शर्मा। बद्दी
पिछले 15 वर्षों से प्रदेश के सबसे बड़े औधोगिक क्षेत्र व नगर परिषद बद्दी को अथक प्रयासों से साफ सुथरा रखने में अहम भूमिका निभाने वाले सौरव सिंह को चितकारा यूनिवर्सिटी ने पर्यावरण रक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। टारगेट ग्रीन प्लानेट एनजीओ के संचालक सौरव सिंह अपनी टीम के साथ पिछले 15 सालों से बद्दी के कचरे का वैधानिक ढंग से निष्पादन कर क्लीन बद्दी ग्रीन बद्दी के नारे को धरातल पर चरितार्थ कर रहे हैं।

अटल शिक्षा कुंज कालूझींडा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी के एनएसएस शिविर में बतौर मुख्यातिथि टारगेट ग्रीन प्लानेट एनजीओ के संचालक सौरव सिंह ने शिरकत की। सौरव सिंह ने चितकारा यूनिवर्सिटी के स्वंयसेवकों को संबोधित करते हुए कहा के पर्यावरण की रक्षा और अपने क्षेत्र को साफ सुथरा रखना हम सब का कर्म नहीं बल्कि धर्म है। जैसे हम अपने घर की गंदगी को साफ करते हैं वैसे ही अपने क्षेत्र को साफ सुथरा रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा के लोग अपने घर के कचरे को तो साफ कर लेते हैं लेकिन उसी कचरे को उठाकर बाहर खुली जगह में जाकर फेंक देते हैं।

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सौरव सिंह ने कहा के हमेशा कचरे को चिन्हित स्थानों व डस्टबिन में फेंके। घर से गीले और सूखे कचरे को हमेशा अलग अलग करके निकालें और सफाई कर्मचारियों का हमेशा सहयोग करें। कई बार देखा गया है के लोग शहर को साफ सुथरा रखने वाले सफाई कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं जो के गलत है। सफाई कर्मचारी भी इंसान है जो अपने काम को ईमानदारी से करते हुए कूड़े कचरे को उठाकर सही ढंग से निष्पादन स्थान तक पहुंचाते हैं।

सौरव सिंह ने बच्चों को जनसेवा व पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी के प्रोत्साहित करते हुए यूथ एक्सप्रेस कहकर संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को पुरस्कार भी वितरित किये। चितकारा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अशोक ठाकुर ने बताया के 7 दिवसीय एनएसएस शिविर के दौरान बच्चों ने आसपास के क्षेत्र व यूनिवर्सिटी प्रांगण को सवारने के साथ साथ लोगों को भी पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूक किया। इस दौरान सौरव सिंह के साथ टारगेट ग्रीन प्लानेट एनजीओ के सुरेंद्र सिंह, कुलदीप कौशिक, प्रोफेसर अशोक ठाकुर, एनएसएस की पूरी टीम व स्वंयसेवी मौजूद रहे।

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