Solan News: कसौली तहसील के जिला परिषद वार्ड टकसाल से जंगेशू पंचायत के गांव ठारूगढ़ निवासी ध्यान सिंह ढालू ने अपनी सशक्त दावेदारी पेश कर क्षेत्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अपनी लंबी प्रशासनिक सेवा, बेदाग छवि और जनसेवा के जज्बे के साथ उन्होंने चुनावी मैदान में कदम रख दिया है, जिससे अन्य प्रत्याशियों की चुनौतियां बढ़ गई हैं।
बता दें कि ध्यान सिंह ढालू का जीवन संघर्ष और समर्पण की एक मिसाल रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की थी। वर्ष 1988 में उन्होंने शिक्षण कार्य छोड़कर पटवारी की जिम्मेदारी संभाली। अपनी निष्ठा और कार्यकुशलता के बल पर उन्होंने तरक्की की सीढ़ियाँ चढ़ीं और 2016 में कानूनगो के पद तक पहुँचे।
प्रशासनिक दक्षता का यह सफर 2019 में उस समय और ऊँचाई पर पहुँचा, जब उन्होंने कार्यकारी दंडाधिकारी (Executive Magistrate) का महत्वपूर्ण पद संभाला। सरकारी सेवा के दौरान भी वे समाज के हर वर्ग के सुख-दु:ख में सक्रिय रूप से शामिल रहे, जिससे क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ और विश्वसनीय छवि स्थापित हुई।
ढालू राजनीति में कोई नया चेहरा नहीं हैं। इससे पहले वे वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ओर से विधायक पद के प्रबल दावेदार के रूप में अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों ही क्षेत्रों का अनुभव होने के कारण वे इस चुनाव में उन्हें एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा हैं।
प्रजासत्ता से विशेष बातचीत में ध्यान सिंह ढालू ने स्पष्ट किया कि अब उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य समाजसेवा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने आम जनता की समस्याओं को बहुत करीब से देखा और महसूस किया है। अब वे एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन समस्याओं का जमीनी और स्थायी समाधान करना चाहते हैं।
उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में क्षेत्र का समग्र विकास, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना शामिल है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि यदि वे निर्वाचित होते हैं, तो हर वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाएंगे और बिना किसी भेदभाव के पूरी ईमानदारी से काम करेंगे।
ढालू का मानना है कि प्रशासनिक पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें शासन-प्रशासन की बारीकियों का बेहतर ज्ञान है, जो विकास कार्यों को गति देने में सहायक होगा। उनकी साफ-सुथरी छवि और सेवा भाव को देखते हुए टकसाल वार्ड की जनता उनके पक्ष में क्या फैसला लेती है, यह तो मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन उनकी एंट्री ने इस बार के चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास के प्रति उनके दृष्टिकोण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने और उनके परिवार ने गाँव के उत्थान में कोई कसर नहीं छोड़ी है। राजनीति में गहरी पकड़ रखने वाले इस परिवार ने न केवल गाँव को मुख्य सड़कों (परवाणू और कसौली मार्ग) से जोड़ने के लिए लिंक रोड का नक्शा बदल दिया, बल्कि गाँव तक पक्की सड़क की सुविधा भी सुनिश्चित की।
उनके प्रयासों से गाँव की कायापलट हो गई है। यहाँ पौधों के रोपण, जल स्रोतों का जीर्णोद्धार, सामुदायिक भवन का निर्माण, युवाओं के लिए ओपन जिम, स्नानघर और व्यवस्थित श्मशान घाट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया गया है। राजनीति और विकास कार्यों में उनके तालमेल ने गाँव की दिशा और दशा पूरी तरह से बदल दी है, जो आज पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा बन गया है।
















