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सोलन जिला में धार्मिक स्थलों को खोलने के सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी

कृतिका कुल्हारी उपायुक्त सोलन

सोलन|
जिला दण्डाधिकारी सोलन कृतिका कुल्हारी ने कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति के दृष्टिगत जिला के सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुरूप जारी किए गए हैं।
इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला में सभी धार्मिक स्थल प्रदेश के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के अनुसार ही खुलेंगे। इसके अतिरिक्त सोलन जिला के सभी धार्मिक स्थानों पर किसी प्रकार के लंगर एवं सामुदायिक भोजन की अनुमति नहीं होगी।
धार्मिक स्थलों में बार-बार स्पर्श करने वाले स्थानों को एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराईट घोल के साथ साफ करना होगा। धार्मिक स्थलों में स्थापित घण्टियों को या तो हटाया जाएगा अथवा कपड़े से ढक दिया जाएगा ताकि श्रद्धालु इन्हें हाथ न लगाएं। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों में गर्भ गृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। देव मूर्ति के समक्ष किसी को भी एक मिनट से अधिक खड़े नहीं होने दिया जाएगा।

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65 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के व्यक्ति, गंभीर रोगी, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों को धार्मिक स्थानो में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पूजा हाॅल एवं परिसर में आवागमन की अनुमति नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर पूजा परिसर में न्यूनतम उपस्थिति रखी जाएगी। यदि सम्भव हुआ तो विभिन्न स्थानों पर लाईव दर्शन के लिए एलईडी स्क्रीन स्थापित की जाएंगी।
धार्मिक स्थल के समीप लक्षणयुक्त रोगियों को आईसोलेट करने के लिए आईसोलेशन कक्ष स्थापित किए जाएगा। इस कक्ष में लक्षणयुक्त रोगियों को रखने के उपरान्त सम्बन्धित चिकित्सक को सम्पर्क कर सैम्पलिंग एवं अन्य कार्य किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य संस्थान के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के आपाताकाल में कोविड परीक्षण के लिए प्रबन्ध करेंगे।

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पूजारी अथवा अन्य किसी व्यक्ति द्वारा ऐसी कोई पूजा नहीं सम्पन्न करवाई जाएगी जिसमें श्रद्धालु का स्पर्श करना हो। धार्मिक स्थल परिसर में भजन-कीर्तन करने, विवाह अथवा मुंडन संस्कार की अनुमति नहीं होगी। आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग काउन्टर स्थापित किए जाएंगे।
धार्मिक परिसरों में रात्रि ठहराव की अनुमति नहीं है। धार्मिक स्थलों में यदि सम्भव हो तो श्रद्धालुओं के अनुश्रवण के लिए सीसीटीवी कैमरा स्थापित किए जाएंगे। दिव्यांग जनों के देव दर्शन के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। धार्मिक स्थल के भीतर हवन अथवा अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं है।

कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार एवं अन्य मुख्य स्थानों पर हाथ धोने की सुविधा एवं टच फ्री सोप डिस्पेन्सर स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएंगी। प्रवेश एवं निकासी द्वार पर हैण्ड सेनिटाइजर डिस्पेन्सर स्थापित किए जाएंगे।

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मूर्ति एवं पवित्र पुस्तकों को छूने की अनुमति नहीं होगी। प्रसाद चढ़ाने, पवित्र जल के छिड़काव की अनुमति भी नहीं होगी। श्रद्धालुओं अथवा न्यास कर्मियों द्वारा उपयोग के उपरान्त छोड़े गए मास्क, फेस कवर, दस्तानों इत्यादि का समुचित निपटान सुनिश्चित बनाना होगा।
जिला दण्डाधिकारी ने इस सम्बन्ध में जिला के सभी उपमण्डलाधिकारियों को आदेश जारी कर मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं।
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