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दिल्ली में स्पिनर्स का जलवा दिखेगा या नहीं?

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IND vs AUS 2nd Test: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। यहां की पिच से किसे फायदा मिलेगा? ये बड़ा सवाल है। नागपुर में पहला टेस्ट खेला गया, जहां स्पिनर्स का बोलबाल रहा। ऐसे में सबके मन में सवाल है कि दूसरे टेस्ट में दिल्ली में पिच से किसे फायदा मिलने वाला है।

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया के बीच 17 फरवरी से 21 फरवरी से तक दूसरा मुकाबला खेला जाएगा। पहला मैच गंवा चुकी ऑस्ट्रेलिया इस मैच में एक मजबूत प्लेइंग 11 के साथ उतरेगी, जबकि टीम इंडिया की नजर सीरीज में बढ़त लेने पर होगी। इससे पहले नीचे जान लीजिए दिल्ली की पिच का मिजाज कैसा है..

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अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम की पिच का मिजाज कैसा है?

दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम की पिच से असल में किसे फायदा मिलेगा यह तो मैच के दौरान ही पता चलेगा। लेकिन इतिहास पर नजर डालें तो यहां कपिच बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन मानी जाती है। यहां क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में बढ़िया टोटल बनता है। स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड से बल्लेबाजों को हेल्प मिलता है।

दिल्ली की पिच स्पिनर्स का दिखेगा जलवा?

भले ही यह पिच बल्लेबाजी के लिए फ्रेंडली हो, लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं हैं कि यहां पर गेंदबाजों को सपोर्ट नहीं मिलता है। खेल के शुरुआती दिनों में पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन होगी, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे यहां स्पिनर्स निश्चित रूप से खेल में वापसी करेंगे और कुछ भी हो सकता है।

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दिल्ली की पिच का औसत स्कोर क्या है?

दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम की पिच ट्रैक पर बहुत कम उछाल है। यही वजह है कि खेल आगने बढ़ने के साथ ही बल्लेबाजों को अच्छे शॉट खेलने में मुश्किल जरूर होगी। इस पिच पर पहली पारी का औसत स्कोर 342 रन रहा है, जबकि चौथी पारी का औसत स्कोर 165 रन रहा है। मतलब टीम टॉस जीतकर पहले बैटिंग करना पसंद करेंगी।

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