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पहले टेस्ट मैच के वो 2 रिकॉर्ड, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया, जानें क्यों ?

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नई दिल्ली: क्रिकेट में ये कहा जाता है कि रिकॉर्ड टूटने के लिए बनते हैं। हर रिकॉर्ड जो बनता है वह एक दिन टूटता है। इस बात को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन यह पूरी तरह से सच भी नहीं है। कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी हैं जो 100 साल के बाद भी नहीं टूटे हैं। हम आपको कुछ ऐसे ही कीर्तिमान के बारे में बताने जा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था पहला टेस्ट

टेस्ट इतिहास का पहला टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुआ था। 15 मार्च से 19 मार्च के बीच यह मुकाबला मेलबर्न में खेला गया था। इससे पहले क्रिकेट के कई मैच हुए थे, लेकिन आईसीसी के अनुसार आधिकारिक रूप से यह पहला इंटरनेशनल मैच था। उस समय सिर्फ टेस्ट ही खेला जाता था। इस मैच में दो ऐसे रिकॉर्ड बने थे, जो 146 साल बाद भी आज तक नहीं टूटा है।

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सबसे ज्यादा उम्र में डेब्यू करने वाला प्लेयर

पहले मैच में 22 खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। इंग्लैंड के खिलाड़ी जेम्स साउथर्टन की उम्र उस वक्त 49 साल की थी। यह एक रिकॉर्ड है। आज तक किसी भी खिलाड़ी ने उनसे ज्यादा उम्र में टेस्ट डेब्यू नहीं किया है। पाकिस्तान के मिरान बख्श का नंबर आता है। 1955 में उन्होंने 47 साल और 284 दिन की उम्र में अपना पहला टेस्ट खेला था।

चार्ल्स बैनरमैन ने बनाया था ये रिकॉर्ड

इसी मैच में एक और रिकॉर्ड बना था, जो अब तक नहीं टूटा। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 245 रनों पर सिमट गई थी। ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज चार्ल्स बैनरमैन ने इसमें 165 रन का योगदान दिया था। वह इसके बाद रिटायर हर्ट हो गए थे। चार्ल्स ने ऑस्ट्रेलिया की पारी के 67.34 प्रतिशत रन बनाए थे। आज तक किसी एक बल्लेबाज ने पूरी पारी में टीम के लिए इससे ज्यादा प्रतिशत रन नहीं बनाए हैं।

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