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वर्ल्ड कप से पहले रवि शास्त्री ने उठाई बड़ी मांग, दिनेश कार्तिक ने किया सपोर्ट

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नई दिल्ली: भारत में इस साल वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन होगा। इसके लिए टीमें तैयारियों में जुटी हुई हैं। टीम इंडिया तैयारियों की श्रंखला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 17 मार्च से वनडे सीरीज खेलेगी। इस बीच पूर्व कोच रवि शास्त्री का बड़ा बयान सामने आया है। रवि शास्त्री ने कहा है कि एकदिवसीय मैचों को कम किया जाना चाहिए क्योंकि ये प्रारूप को जीवित रखने के लिए जरूरी है।

40 ओवर का कर दिया जाए वनडे

पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा कि वह चाहते थे कि अतीत में प्रारूप को 50 से घटाकर 40 ओवर कर दिया जाए। अहमदाबाद टेस्ट के दौरान उन्होंने एक बार फिर यही संदेश दिया। शास्त्री ने इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से कहा कि अगर वनडे को जीवित रहने की जरूरत है, तो इसे घटाकर 40 ओवर का कर देना चाहिए। शास्त्री ने उस समय का उदाहरण दिया जब भारत ने 1983 में विश्व कप जीता था, जब वनडे 60 ओवर के होते थे। भारतीय दिग्गज ने कहा कि जब फैन्स का अटेंशन कम हुआ तो यह 50 ओवर का हो गया। शास्त्री ने कहा कि इसे एक बार फिर कम करके 40 ओवर करने का यह सही समय है।

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1983 में विश्व कप 60 ओवर का था

उन्होंने कहा कि एक दिवसीय क्रिकेट के जीवित रहने के लिए इसे भविष्य में 40 ओवर के खेल में घटा दिया जाना चाहिए। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब हमने 1983 में विश्व कप जीता था, तो यह 60 ओवर का खेल था। फिर लोगों का रुझान कम हुआ तो यह 50 ओवर का खेला जाने लगा। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि यह 40 ओवर का खेल बन जाए। समय के साथ चीजें विकसित हों। इस प्रारूप को कम करें।

द्विपक्षीय मैचों में कमी होनी चाहिए

शास्त्री ने कहा कि टी20 प्रारूप खेल के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन द्विपक्षीय मैचों में कमी होनी चाहिए क्योंकि दुनियाभर में पर्याप्त घरेलू लीग हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि टी20 प्रारूप अहम है। “यह वह इंजेक्शन है जिसे खेल को विकसित करने की आवश्यकता है। मुझे लगता है कि वहां भी द्विपक्षीय खेलों को कम किया जाना चाहिए। दुनियाभर में काफी घरेलू लीग हैं जो टी20 खेल को बढ़ावा देती हैं। हमें उन लीगों को होने देना चाहिए और फिर बीच में ही विश्व कप होना चाहिए। विश्व कप या उस तरह की किसी चीज से पहले जरूरत पड़ने पर बहुत कम द्विपक्षीय मैच खेले जाने चाहिए। तब आप तीनों प्रारूपों को बनाए रख सकते हैं। भारत के पूर्व कोच ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को सर्वोपरि महत्व दिया जाना चाहिए। यह वास्तविक चीज है। मुझे लगता है कि भारत में सभी प्रारूपों के लिए जगह है।

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दिनेश कार्तिक ने किया सपोर्ट

वहीं शास्त्री की इस मांग पर भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक ने उनका सपोर्ट किया है। उन्होंने भी कहा कि वनडे प्रारूप अपना आकर्षण खो रहा है। साथ ही इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाला विश्व कप आखिरी संस्करण हो सकता है। कार्तिक ने कहा, ”वनडे प्रारूप ने अपना आकर्षण खो दिया है। हम इस साल के अंत में या उसके बाद एक और विश्व कप होता देख सकते हैं। लोग टेस्ट क्रिकेट देखना चाहते हैं, जो सही मायने में क्रिकेट का प्रारूप है। वहीं टी20 मनोरंजन के लिए है।”

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