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Share Market Fall: शेयर बाजार में भारी गिरावट के 5 प्रमुख कारण, सेंसेक्स में 308.47 अंकों की कमी, निफ्टी 24,650 से नीचे बंद.

Share Market Fall: शेयर बाजार में भारी गिरावट के 5 प्रमुख कारण, सेंसेक्स में 308.47 अंकों की कमी, निफ्टी 24,650 से नीचे बंद.
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Share Market Fall: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार में आज 5 अगस्त को तगड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 450 अंकों से अधिक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी गिरकर 24,600 के नीचे आ गया। बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 308.47 अंक या 0.38% गिरकर 80,710.25 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी −73.70 अंक या 0.30% टूटकर 24,649.05 पर बंद हुई।

मंगलवार को निफ्टी पर इंफोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, ICICI बैंक और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे दिग्गज शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। बाजार के एक्सपर्ट का मानना है कि अगर ट्रंप अपने बयान पर अडिग रहते हैं तो इससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव आ सकता है, जिससे एक्सपोर्ट प्रभावित होगा।

बाजार ने इस जोखिम को अभी पूरी तरह से कीमतों में नहीं जोड़ा है।” हालांकि इस बीच भारत सरकार ने ट्रंप के बयान को “अनुचित और अस्वीकार्य” करार दिया है और कहा है कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा करेगा।  हालांकि भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, ऐसे में शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे उन्हें जानते हैं।

Share Market Fall 5 Big Reasons

  • ट्रंप की टैरिफ चेतावनी

आज शेयर बाजार में गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ चेतावनी रही। ट्रंप ने भारत को आगाह किया कि वह रूस से तेल खरीदकर बड़ा मुनाफा कमा रहा है, जिसके चलते अमेरिका भारत पर टैरिफ में “काफी वृद्धि” करने की योजना बना रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत न सिर्फ रूसी तेल की भारी मात्रा खरीद रहा है, बल्कि इसे खुले बाजार में लाभ के साथ बेच भी रहा है। इसलिए मैं भारत पर टैरिफ में भारी इजाफा करने जा रहा हूं।”

  • विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ा है। FIIs ने 4 अगस्त को 2,566.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। अगस्त के शुरुआती दो दिनों में उनकी बिकवाली 5,900 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। इससे पहले जुलाई में उन्होंने लगभग 47,600 करोड़ रुपये की निकासी की थी। यह लगातार बिकवाली घरेलू बाजारों पर बोझ डाल रही है और निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर रही है।

  • रुपये पर बढ़ता दबाव

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 29 पैसे लुढ़ककर 87.95 प्रति डॉलर पर आ गया। फॉरेक्स डीलरों का मानना है कि ट्रंप की टैरिफ चेतावनी के बाद रुपये पर और अधिक दबाव पड़ सकता है।

  • ऑयल एंड गैस शेयरों में भारी गिरावट

ट्रंप की चेतावनी के बाद आज ऑयल एंड गैस शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की कमी आई, और इंडेक्स के 15 में से 12 शेयर नकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे।

  • आरबीआई की नीति पर सबकी नजर

शेयर बाजार की निगाह अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक पर टिकी है। बैठक के नतीजे 6 अगस्त, बुधवार को घोषित होंगे, जिसमें ब्याज दरों पर फैसला लिया जाएगा। वर्तमान में महंगाई दर छह साल के निचले स्तर पर है, लेकिन RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ब्याज दरों में कटौती को लेकर सावधानी बरती जाएगी।

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भारतीय शेयर बाजार में इस समय भरोसे की कमी है। FIIs तेजी और मंदी दोनों में बेच रहे हैं। ICICI बैंक और HDFC बैंक भी अब गिरना शुरू हुए हैं। बाजार एक चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। बाजार को अब बड़ा ट्रिगर चाहिए। मिडकैप और स्मॉल कैप भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। टैरिफ की चिंता से फार्मा शेयरों में आज सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है।

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