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HP News Today

राजीव शुक्ला

हिमाचल में कांग्रेस को जबरदस्त समर्थन, बीजेपी की कोई तिकड़म नहीं चलेगी

October 31, 2022

शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीजेपी की कोई तिकड़म नहीं चलेगी। प्रदेश में....

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ब्रेकिंग न्यूज : हिमाचल की 68 विधानसभा में अब 413 उम्मीदवारों के बीच होगा मुक़ाबला

October 29, 2022

प्रजासत्ता ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश के 68 सीटों के लिए आज नाम वापसी....

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में 238 उड़न दस्ते तैना

हिमाचल में चुनाव आचार संहिता लागू होने के 15 दिन के भीतर आबकारी अधिनियम के तहत 297 मामले दर्ज

October 29, 2022

प्रजासत्ता ब्यूरो। सिरमौर के गोबिंदघाट बैरियर पर हरियाणा की गाड़ी से 8.52....

हिमाचल में एक फेज में 12 नवंबर को होगा मतदान, इस तारीख को आएंगे नतीजे

हिमाचल के 55 लाख से ज्यादा वोटर करेंगे राजनीति दलों की किस्मत का फैसला

October 29, 2022

शिमला ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश में चुनाव की तारीख का एलान होने के....

बीजेपी

विधासभा चुनाव: हिमाचल में इतिहास बदलने के लिए भाजपा उतारेगी नेताओं की फौज

October 29, 2022

प्रजासत्ता ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने प्रचार....

Himachal News, Himachal Politics: जयराम ठाकुर ने राहुल गांधी को मानहानि मामले में सूरत की अपीलीय कोर्ट से राहत न मिलने पर साधा निशाना

सीएम जयराम ठाकुर का दावा: ‘हिमाचल में दोबारा सरकार बनाएगी भाजपा

October 29, 2022

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी जंग में सत्ताधारी....

हिमाचल वि धानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस जयराम सरकार के खिलाफ चार्जशीट ले आई है। कांग्रेस कार्यालय में पवन खेड़ा, मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ये चार्जशीट जारी की है। पार्टी ने राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनके कुछ मंत्रियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की। कांग्रेस द्वारा पेश की गई चार्जशीट में पार्टी ने दावा किया है कि भाजपा सरकार ने बीते 5 साल में खूब भ्रष्टाचार किया है। पार्टी अब इसे राज्यपाल को सौंपेगी और फिर जनता के बीच भी लेकर जाएगी। इसके अलावा, कांग्रेस की सरकार बनी तो सभी मामलों की जांच कराने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजधानी शिमला में कांग्रेस के चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सीएम ऑफिस ही नहीं बल्कि, उनकी सरकार में मंत्रियों के कार्यालय भी भ्रष्टाचर में शामिल रहे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के करीबी मंत्रियों ने तो भ्रष्टाचार की हदें पार कर दी हैं। इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने दावा किया कि राज्य में पहली बार नौकरियां बेची गई हैं और ऐसे में भविष्य में जयरामg ठाकुर को नौकरियां बेचने वाले मुख्यमंत्री के तौर पर याद किया जाएगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नौकरियों के लिए 6 से 8 लाख रुपए तक का लेनदेन हुआ है। खासकर पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले में पुलिस हेडक्वॉर्टर से लेकर सचिवालय तक के अधिकारी शामिल रहे, मगर मुख्यमंत्री ने सभी को क्लीनचिट दे दी। पार्टी ने पाइप खरीद में घोटाले का दावा भी किया। साथ ही, रैलियों पर बेहिसाब खर्च का आरोप भी लगाया गया है।

जयराम सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने जारी की चार्जशीट, कहा- इतिहास उन्हें नौकरियां बेचने वाले CM के तौर पर याद करेगा

October 29, 2022

शिमला ब्यूरो। हिमाचल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस जयराम सरकार के खिलाफ....

पत्नी-बहन ने शहीद कुलभूषण को सैल्यूट कर दी अंतिम विदाई,

पत्नी-बहन ने शहीद कुलभूषण को सैल्यूट कर दी अंतिम विदाई,

October 29, 2022

प्रजासत्ता ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर के बारामूला के वीरवन जंगल में आतंकी मुठभेड़ में....

हिमाचल में प्रियंका संभालेंगी चुनाव प्रचार की कमान

हिमाचल विधासभा चुनाव प्रचार के लिए शिमला पहुंची प्रियंका गांधी वाड्रा

October 29, 2022

शिमला। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका....

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में चर्चा में कई दल मैदान में है।, लेकिन असल मुकाबला अभी अभी भी कांग्रेस और बीजेपी के ही बीच में है। हालांकि हिमाचल प्रदेश में सरकार को दोबारा रिपीट करने का रिवाज नहीं है और इसी के चलते कांग्रेस की सत्ता में आने की आशा बनी हुई है। जहां हिमाचल का संकल्प कांग्रेस का विकल्प नारा है, वहीं कि इस बार सरकार नहीं, रिवाज़ बदलेंगे, बीजेपी का नारा है। हालांकि दोनों ही दलों के लिए इस चुनाव में बड़ी चुनौतियां हैं। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह के गुजरने के बाद नेतृत्व सुखविंदर ठाकुर और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह में बंटा हुआ है, वीरभद्र के करीबी हर्ष महाजन बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। जहां प्रियंका गांधी की टीम और राजीव शुक्ल कांग्रेस का हिमाचल में संचालन कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ केंद्र से सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कमान संभाल रखी है, लेकिन हिमाचल प्रदेश का चुनाव बीजेपी के लिए भी नाक का सवाल है। बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा खुद हिमाचल प्रदेश से हैं और यहां हुई राजनैतिक ऊंच नीच का असर उनके करियर पर पढ़ सकता है, इसलिए गुजरात के चुनाव की तरह हिमाचल प्रदेश भी दोनों पार्टियों के लिए भी ये नाक का सवाल है, लेकिन दोनों पार्टियों की चुनौतियाँ अलग हैं। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ केंद्र से सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कमान संभाल रखी है, जहां भाजपा के पूर्व अध्यक्ष कांग्रेस में शामिल हुए हैं वहीं टिकट बदलाव का भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश का चुनाव बीजेपी के लिए भी नाक का सवाल है।बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा खुद हिमाचल प्रदेश से हैं और यहां हुई राजनैतिक ऊंच नीच का असर उनके करियर पर पढ़ सकता है, इसलिए गुजरात के चुनाव की तरह हिमाचल प्रदेश भी दोनों पार्टियों के लिए भी ये नाक का सवाल है, लेकिन दोनों पार्टियों की चुनौतियाँ अलग हैं। बीजेपी को नुकसान ओल्ड पेंशन स्कीम और फल उत्पादकों के गुस्से से हो सकता है, राज्य में 8 लाख सरकारी कर्मचारी हैं और कांग्रेस ऐलान कर चुकी है कि वो सत्ता में आने के बाद पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कर देगी। वहीं फल उत्पादकों को लग रहा है कि गुजरात के बड़े उद्योपतियों के चक्कर में उनको सही दाम नहीं मिल रहे। एक बड़े गुजराती उद्योगपति फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़े हैं और ये मामला तूल पकड़ रहा है। उसके ऊपर टीचर भर्ती का मामला भी गर्म है यानी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने स्थानीय मुद्दे गर्म हैं। उनका खुद का कार्यकाल भी बहुत असरदार नहीं रहा है, लेकिन बीजेपी के पास नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे नेता हैं जो चुनाव की लय बदल सकते हैं । हालांकि हिमाचल की सत्ता को प्रभावित करने वाले सवर्ण वोटरों का सवर्ण आंदोलन भी भाजपा की जीत को राह में एक बड़ी चुनौती रहेगा। वहीं कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती ये है कि वो लोगों को यकीन दिलाये कि चुनाव में बीजेपी का विकल्प आम आदमी पार्टी नहीं है, पंजाब में जीत के बाद आप हिमाचल प्रदेश में बहुत सक्रिय है, प्रतिभा सिंह और सुक्खू के बीच तालमेल ठीक नहीं है। इससे कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। दूसरी बड़ी चुनौती कांग्रेस की यह है कि वो हिमाचल प्रदेश के चुनावों को राष्ट्रीय मुद्दों से कितना दूर रख पाती है। वैसे तो हिमाचल प्रदेश में दबदबा ठाकुर समाज का रहा है और कम अवसर पर ब्राह्मण ही मुख्यमंत्री रहे हैं, इसलिए दोनों पार्टियों ने फ्रंटलाइन में ज्यादा बदलाव नहीं किया है, लेकिन इस बार बीजेपी ने अपना प्रदेश अध्यक्ष दलित समाज से चुना है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस बनेगी विकल्प या BJP बदलेगी रिवाज, जानिए क्यों दोनों दलों के लिए है चुनौती

October 28, 2022

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में चर्चा में कई दल मैदान में है।,....

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