AI Investments Global Rich: वैश्विक सरजमीं पर भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ते सरकारी कर्ज और आर्थिक अस्थिरता के बीच दुनिया के सबसे अमीर परिवार अपने निवेश के तरीकों में बड़ा बदलाव कर रहे हैं। स्विस बैंक यूबीएस (UBS) की ताजा ग्लोबल फैमिली ऑफिस रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे रईस लोग अब पारंपरिक एसेट क्लास से बाहर निकलकर लंबी अवधि के बड़े थीम्स पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इन सभी थीम्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे ऊपर बनकर उभरा है।
यह रिपोर्ट 30 से अधिक वैश्विक बाजारों के 307 फैमिली ऑफिस के सर्वेक्षण पर आधारित है, जिनकी औसत नेटवर्थ करीब 2.7 अरब डॉलर है। इस समय जहां हर तरफ बाजार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं करीब 65 फीसदी अल्ट्रा-रिच फैमिली ऑफिस पहले ही AI थीम में भारी निवेश कर चुके हैं। अमीर निवेशकों का यह रुख बाजार विश्लेषकों को भी हैरान कर रहा है, क्योंकि यह निवेश ऐसे समय में हो रहा है जब बाजार में AI कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन और संभावित आर्थिक बबल को लेकर लगातार चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
चुनौतियों के बावजूद अमीर निवेशक इस सेक्टर से पीछे हटने के बजाय अपनी हिस्सेदारी को बनाए रखने या उसे और ज्यादा बढ़ाने की पूरी तैयारी में हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि इन बड़े निवेशकों के मन में बाजार के गिरने का डर बेहद कम है, बल्कि वे इस बात से ज्यादा डरे हुए हैं कि कहीं वे AI की आने वाली अगली बड़ी लहर का हिस्सा बनने से न चूक जाएं। इस रणनीति के तहत वे पूरे आक्रामक तरीके से इस तकनीक पर दांव खेल रहे हैं।
विशेष बात यह है कि दुनिया के ये सबसे अमीर परिवार केवल AI ऐप्स या चैटबॉट बनाने वाली सामान्य कंपनियों में ही पैसा नहीं लगा रहे हैं, बल्कि उनका मुख्य फोकस पूरे AI टेक्नोलॉजी ढांचे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर टिका हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग आधे फैमिली ऑफिस डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष AI सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और एडवांस सेमीकंडक्टर कंपनियों में अपनी पूंजी लगा रहे हैं। निवेशकों की यह रणनीति माइक्रोचिप बनाने वाली कंपनियों से लेकर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI प्लेटफॉर्म तक फैली हुई है, ताकि वे पूरी वैल्यू चेन का लाभ उठा सकें।
ग्लोबल टेक वॉर के मोर्चे पर भी इन निवेशकों की रणनीति बेहद चतुर और निष्पक्ष दिखाई दे रही है। वर्तमान में AI की वैश्विक रेस मुख्य रूप से अमेरिका और चीन के बीच एक बड़ी तकनीकी प्रतिस्पर्धा का रूप ले चुकी है। इस बड़े मुकाबले के बावजूद फैमिली ऑफिस किसी एक देश को चुनने के बजाय दोनों ही महाशक्तियों के AI इकोसिस्टम में एक साथ निवेश कर रहे हैं। अमीर परिवारों को अंदेशा है कि किसी भी एक क्षेत्र को नजरअंदाज करने से वे भविष्य में होने वाली बड़ी कमाई के सुनहरे अवसर को गंवा सकते हैं।
AI के प्रति इस दीवानगी का सीधा सकारात्मक असर बिजली उत्पादन और अन्य जुड़े हुए बुनियादी ढांचा क्षेत्रों पर भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। चूंकि बड़े AI मॉडल्स को ट्रेन करने और उन्हें लगातार चलाने के लिए बहुत भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है, इसलिए पावर और रिसोर्स सेक्टर भी निवेशकों की बड़ी पसंद बन गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 37 फीसदी फैमिली ऑफिस पहले से ही पावर और रिसोर्स सेक्टर में निवेश कर चुके हैं, जबकि अन्य 15 फीसदी अगले एक साल के भीतर इसमें पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं।
इसके अलावा, AI-बेस्ड हेल्थकेयर और बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर भी दुनिया के अमीर निवेशकों को अपनी ओर तेजी से आकर्षित कर रहा है। रिपोर्ट में सामने आया है कि 33 फीसदी फैमिली ऑफिस इस थीम में अपनी हिस्सेदारी खरीद चुके हैं। इन निवेशकों को पूरा भरोसा है कि AI की मदद से आने वाले समय में हेल्थकेयर, लॉन्गेविटी रिसर्च और बायोटेक सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे। कुल मिलाकर, दुनिया के सबसे अमीर परिवार जहां एक तरफ अपने पुराने निवेश को सुरक्षित बनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ AI को इस सदी का सबसे बड़ा तकनीकी आधार मानकर उस पर बड़ा दांव खेल रहे हैं।

















