दीक्षित शर्मा | ऊना
Una News: जिला ऊना में कांग्रेस के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष देसराज गौतम के स्वागत समारोह के उपरांत मनरेगा योजना को केंद्र सरकार द्वारा बंद किए जाने एवं इसके नाम परिवर्तन के विरोध में आयोजित जन आंदोलन में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां पूरी तरह से जनविरोधी हैं और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर ग्रामीणों से रोजगार छीना जा रहा है। विवेक शर्मा ने कहा कि यदि मनरेगा योजना को बंद होते ही देश के करोड़ों परिवार बेरोजगार हो जाएंगे और गांवों में गरीबी तथा पलायन की समस्या और गहराएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है और गरीब, किसान व मजदूर वर्ग की अनदेखी कर रही है।
विधायक विवेक शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा आपदा प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 11 दिसंबर को मंडी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 82 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। यह कदम दर्शाता है कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में आम जनता के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भी हर आपदा पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी। प्रथम चरण में 165 पीड़ित परिवारों को 2 करोड़ 34 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। दूसरे चरण में शेष पात्र पीडि़त परिवारों को भी जल्द ही आर्थिक सहायता दी जाएगी।
जन आंदोलन के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट किया गया कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है, और इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर नव नियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष देसराज गौतम पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र धर्मानी, गगरेट के विधायक राकेश कालिया एवं पार्टी के वरिष्ठ एवं विधायक पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे।
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह और कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी की दूरगामी सोच के कारण मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना अस्तित्व में आई थी। इस योजना के माध्यम से देश के करोड़ों ग्रामीण और बेरोजगार परिवारों को साल में सौ दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलता था, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई बल्कि गांवों के विकास को भी गति मिली।
उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के तहत गांवों में सडक़ों, तालाबों, सिंचाई सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास हुआ। इससे पलायन पर रोक लगी और ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिली। लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष भावना के चलते इस योजना को समाप्त करने या नाम बदलकर इसके मूल उद्देश्य को खत्म करने का प्रयास कर रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्रदेश आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है, इसके बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा ग्रस्त परिवारों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आर्थिक सहायता पहुंचाई है। यह कांग्रेस सरकार की संवेदन शीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मनरेगा के समर्थन में एकजुटता दिखाई और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। विवेक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के हक की लड़ाई हमेशा लड़ती रहेगी और मनरेगा योजना जैसी योजनाओं को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।













