Nana Patekar Death: भारतीय सिनेमा और रंगमंच के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया है। इस दुखद खबर के सामने आते ही फिल्म जगत, राजनीतिक गलियारों और देश-विदेश में मौजूद उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। अपने पांच दशक लंबे करियर में अपनी तीखी संवाद अदायगी, यथार्थवादी अभिनय और बेबाक अंदाज से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले इस महान कलाकार का यूं चले जाना कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
घटनाक्रम की कड़ियों पर नजर डालें तो निधन से कुछ घंटे पहले की कहानी बेहद भावुक कर देने वाली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार 8 अक्टूबर तड़के करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने एक बेहद करीबी दोस्त को मोबाइल पर मैसेज भेजा था। इस संदेश में उन्होंने लिखा था कि वह काफी असहज महसूस कर रहे हैं और उनकी तबीयत ठीक नहीं है। देर रात का वक्त होने की वजह से उनके दोस्त उस वक्त मैसेज नहीं देख सके।
तड़के करीब 4:00 बजे जब दोस्त उनके आवास पर पहुंचे, तब तक नाना पाटेकर की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। वह पसीने से पूरी तरह तर-बतर थे और उन्हें सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो रही थी। आपात स्थिति को देखते हुए तुरंत एंबुलेंस और मेडिकल टीम को मौके पर बुलाया गया। डॉक्टरों ने मौके पर ही उन्हें सीपीआर देना शुरू किया और अस्पताल ले जाते समय भी उन्हें बचाने के हर संभव प्रयास किए गए।
अस्पताल की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर को तड़के बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की लगातार कोशिशें कीं, लेकिन सुबह करीब 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सा अधिकारियों ने मौत का मुख्य कारण कार्डियक अरेस्ट बताया है।
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने भी इस दुखद समाचार की पुष्टि की है। मीडिया से बातचीत में मल्हार ने बताया, “हां, यह जानकारी सही है। मैं अभी पुणे में हूं और तुरंत गोवा पहुंच रहा हूं। जल्द ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करूंगा।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार पुणे में संपन्न कराया जाएगा।
इधर, महाराष्ट्र सरकार ने सिनेमा और समाज में उनके अविस्मरणीय योगदान को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने औपचारिक घोषणा की है कि अभिनेता नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ पुणे में किया जाएगा।
नाना पाटेकर सिर्फ एक कुशल अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि वह सामाजिक संवेदनाओं से भरे एक जुझारू व्यक्तित्व भी थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी कालजयी फिल्मों में उनके द्वारा निभाए गए किरदार आज भी सिनेमा प्रेमियों के जेहन में जीवंत हैं। अपने करियर में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान हासिल करने वाले नाना पाटेकर ने फिल्मों से इतर सूखाग्रस्त किसानों और जरूरतमंदों की मदद के लिए नाम फाउंडेशन के जरिए धरातल पर मिसाल कायम की थी।


















