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मंडी की विशेष अदालत ने बरी किए 4 किलो चरस तस्करी के आरोपी

Published on: 3 April 2022
कोर्ट, HPPSC: Result of Judicial Services Combined Examination 2023

विजलेंस ऊना व मंडी की टीम ने मन्दिर टांडा के तस्करो से कड़ी मशक्कत उपरांत पकड़ी थी खेप,पुलिस टीम से हुई थी मारपीट

मंडी
मंडी जिला में तकरीबन 4 किलो चरस तस्करी के मामले में पकड़े गए पांच आरोपियों को विशेष अदालत द्वारा बरी करने के आदेश जारी किए है।
मामला 12 जुलाई 2019 का है जिसमे विजलेंस ऊना व मंडी की संयुक्त टीम द्वारा भौर में बिना नम्बर के मोटर साईकल रॉयल एनफ़ील्ड पर सवार हेम राज व नारायण दास पुत्र कृष्ण चन्द निवासी मन्दिर टांडा डाकघर ढाबण तहसील बल्ह जिला मंडी से 3 किलो 934 ग्राम चरस की खेप कड़ी मशक्कत उपरांत पकड़ी थी।

इस दौरान दोनों युवक हिंसा पर उतारू हो गए और पुलिस टीम से मारपीट भी की जिससे विजलेंस टीम के कुछ लोग घायल भी हो गए। इस मामले की छानबीन के दौरान राम लाल उर्फ राजू पुत्र शंकु राम गांव गवाली तहसील पधर जिला मंडी,देवेंद्र पुत्र चन्द्र सिंह गाव बड़बहन पीओ उरला तहसील पधर जिला मंडी,सतिंदर पुत्र राम रत्न,गांव पेखडी पीओ गुशेनी तहसील बंजार जिला कुल्लू को सहअभियुक्त बनाया गया था। ट्रायल के दौरान तकरीबन 39 गवाह पेश हुए ।

विजलेंस ऊना की गुप्त सूचना पर हुई थी कार्यवाही

विजलेंस ऊना के एएसपी सागर चन्द्र को सूचना मिली थी कि मंडी जिला के सुन्दरनगर क्षेत्र से बड़ी चरस तस्करी होने वाली है जिस पर उन्होंने एएसपी मंडी विजलेंस कुलभूषण वर्मा से सम्पर्क साध मुलाकात की और तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। इस टीम में इनके साथ इंस्पेक्टर राज कुमार,उप निरीक्षक रूप सिंह,धर्मेंद्र,हुक्म चन्द,कश्मीर सिंह,होम गार्ड रोहित व अन्य शामिल हुए और भौर में जब सुबह तस्करीबन 8 बजे जब दोनों आरोपी बिना नम्बर के मोटरसाईकल पर सवार होकर जा रहे थे तो उन्हें रुकने का इशारा किया गया तो उन्होंने मोटरसाईकल घुमाने का प्रयास किया और बैग को फैकने लगे तो उन्हें रोक लिया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम से तकरीबन एक घण्टे तक उलझते रहे और हाथापाई भी की जिसमे एएसपी कुलभूषण वर्मा,एएसपी सागर चन्द्र व होमगार्ड रोहित चोटिल भी हुए थे।

वही सुन्दरनगर व विजलेंस की अतिरिक्त पुलिस बल पहुचने पर उन्हें पूर्णतया काबू किया जा सका। इस मामले में अमित चौधरी व पवन शर्मा निवासी सुदरनगर उपरोक्त पुलिस कार्यवाही में बतौर गवाह शामिल हुए।

कोर्ट ने निर्णय/जजमेंट में क्या कहा

कोर्ट द्वारा उक्त मामले में 49 पेज की जजमेंट दी गई जिसमें दिए गए विवरण अनुसार जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें दो भागों में 1.887 व 2.047 कुल 3 किलो 934 ग्राम चरस बरामद की गई। जिसके लिए उनके खिलाफ एनडी एंड पीएस एक्ट की धारा 20 व 29 का मामला व पुलिस टीम से मारपीट की गई वही उनके खिलाफ सरकारी काम मे बाधा डालने के लिए अतिरिक्त मामला भी दर्ज किया गया था।

पुलिस जांच के दौरान पाया गया कि आरोपियों के खिलाफ एनडी एंड पीएस एक्ट के अन्य मामले भी दर्ज है। वही काल डिटेल अनुसार यह आरोपी अन्य सदिग्ध व्यक्तियों से लगातार संपर्क में थे। चरस के नमूने जुन्गा एसएफएसएल लैब भेजे गए जिसकी शुद्ध मात्रा 33.63 ℅ डब्लू/डब्लू थी। आरोपी हेम राज अनुसार यह चरस उसने आरोपी राम लाल से खरीदी थी जिसे टेक्सी चालक मुनीश कुमार के माध्यम से भेजा था। जिसे आरोपी देवेंद्र ने डडोर फोरलेन के समीप प्राप्त किया।स्वंत्रत गवाह में से पवन कुमार बयान से मुकर गया वही अमित चौधरी ने स्वीकार किया कि व विजलेंस थाना प्रभारी को पहले स्वय जानता था और वह गड़ा हुआ गवाह लग रहा था।

वही अढाई साल पुराने मामले की सुनवाई दौरान विशेष न्यायलय न्यायधीश हरीश शर्मा की अदालत ने अंतिम निर्णय देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष एनडी एंड पीएस अधिनियम की धारा 20 और 29 के तहत अभियुक्त व्यक्तियों के अपराध को स्थापित करने में सक्षम नही है।इसलिए सभी आरोपियों को बरी किया जाता है।किसी अन्य मामले में आवश्यकता ना होने पर आरोपियों को तत्काल रिहा करने के आदेश दिया जाता है और चरस को नष्ट करने,जब्त फोन व सिम को अपील निर्धारित करने की वैधानिक समय अवधि समाप्त होने के बाद असल मालिक को लौटाया जाए।

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