Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

हिमाचल में लागू की जाएगी OPS, जानें सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने और क्या कहा

हिमाचल में लागू की जाएगी OPS, जानें सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने और क्या कहा

हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी। हमने इस बारे में आज बैठक बुलाई है।

मुख्यमंत्री के शिमला पहुंचने से पहले ही उनकी वित्त विभाग के आला अफसरों के साथ बैठक तय हो गई हैै जिसमें ओपीएस के संदर्भ में चर्चा होगी। सीएम ने नयी दिल्ली में भी स्पष्ट किया कि बैठक में मुख्य सचिव आरडी धीमान के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना व वित्त विभाग के सचिव अक्षय सूद उपस्थित रहेंगे। अक्षय सूद को ही सरकार ने ओपीएस बहाली का ड्राफ्ट तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। वित्त विभाग ने ओपीएस बहाली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

इसे भी पढ़ें:  मणिपुर हिंसा को लेकर सर्वदलीय बैठक शुरू

विधान सभा चुनाव में कांग्रेस ने एनपीएस कार्मिकों को ओपीएस बहाली की गारंटी दी थी। गारंटी को पूरा करने बारे फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में लिए जाने की बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले ही कह चुके हैं। मगर इस मुद्दे को कैबिनेट के समक्ष चर्चा के लिए ले जाने से पहले मुख्यमंत्री ड्राफ्ट पर चर्चा करना चाहते हैं। चर्चा के दौरान ड्राफ्ट में कोई कमी दिखाई देने पर मुख्यमंत्री अफसरों को अंतिम निर्णय लेने से पहले इसकी दुरुस्तगी बारे कहेंगे।

ओपीएस बहाली का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने से पहले वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस पर चर्चा की। ओपीएस बहाली की कवाद के तहत अफसरों ने राजस्थान, छत्तीसगड़ व पंजाब के मसौदों का अध्ययन किया है। 28 दिसंबर को सचिवालय में एनपीएस कर्मचारियों के साथ भी बैठक रखी गई है। उसमें सरकार इन कर्मचारियों से उस मसौदे पर चर्चा करेगी जो उन्होंने तैयार कर लिया है। इस मसौदे में क्या-क्या प्रावधान किए जा रहे हैं इनकी जानकारी एनपीएस कर्मचारियों की यूनियन के पदाधिकारियों को दी जाएगी। इन पदाधिकारियों से उनकी राय भी ली जाएगी जिसके बाद कैबिनेट के लिए मामला भेजा जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  Jammu Kashmir: किश्तवाड़ में आतंकियों से मुठभेड़ में सेना का जवान शहीद
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल