प्रयागराज: कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि ‘मैंने देखा कि मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने (कॉलेजियम पर) चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कोई किसी को चेतावनी नहीं दे सकता है। हम अपने आप को इस महान देश के सेवक के रूप में देखते हैं, वह अपने आप में बड़ी बात है। लोगों ने हमें मौका दिया है काम करने का। आप सब प्रिवेलेज लोग हैं, जज-वकील बने हैं.. पढ़ लिखकर ही बने हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि देश के लिए काम करने के लिए जिम्मेदारी मिली है।’
सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी को नकारा
कानून मंत्री उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी है। जबकि यहां कोई किसी को चेतावनी नहीं दे सकता। हम जनता के सेवक हैं, हम संविधान के हिसाब से काम करते हैं।
#WATCH | I saw a media report today that stated- Supreme Court has given a warning…The Indian Constitution is our guide. No one can give a warning to anyone: Union Law Minister Kiren Rijiju in Prayagraj, UP pic.twitter.com/oyoDfzLzIS
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पांच जजों की नियुक्ति को मंजूरी
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति में देरी पर नाराजगी जाहिर की थी। इस पर केंद्र ने अदालत को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की नियुक्ति के लिए भेजी सिफारिश अगले पांच दिन में मंजूर हो जाएगी। इसके बाद केंद्र ने पांचों सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। बता दें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 13 दिसंबर को सरकार से 5 नामों की सिफारिश की थी। इनमें जस्टिस पंकज मिथल, जस्टिस संजय करोल, जस्टिस पी वी संजय कुमार, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस मनोज मिश्रा का नाम शामिल था।
















