Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

एसीसी कंपनी के खिलाफ स्थानीय जनता के साथ धरने पर बैठीं बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा

Published on: 20 April 2021
ए सी सी सीमेंट कंपनी के खिलाफ बिटिया फाउंडेशन  की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान  स्थानियाँ जनता के साथ अनिश्चितकाल धरने पर बैठीं

सुभाष कुमार गौतम/घुमारवीं/बिलासपुर
बिलासपुर जिला के बरमाणा  में एसीसी सीमेंट कंपनी के खिलाफ बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान स्थानीय जनता के साथ अनिश्चितकाल धरने पर बैठीं गई है| एसीसी सीमेंट कंपनी की विस्थापित एवं प्रभावित जनता जो कई वर्षों  से एसीसी सीमेंट कंपनी से प्रताड़ित है, पिछले सप्ताह बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान एवं स्थानीय जनता उपायुक्त महोदय बिलासपुर से अपनी माँगों को लेकर मिले थे और उनको अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन दे कर अवगत करवाया। जिसमे अपनी मांगों का समाधान करवाने के  लिए चार दिन का वक़्त दिया था।

जब चार दिनों में कोई जबाब नहीं आया तो बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान एवं बरमाणा की विस्थापित एवं प्रभावित जनता ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया और एक सप्ताह का समय फिर दिया, लेकिन प्रशासन और एसीसी सीमेंट कंपनी के पदाधिकारियों के कानों में ज्योँ तक नहीं रेंगी। जिसके परिणाम स्वरुप आज बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान और बरमाणा की विस्थापित एवं प्रभावित जनता के साथ अनिश्चितकाल धरने पर बैठना पड़ा।

सीमा संख्यान ने कहा कि एसीसी सीमेंट कंपनी ने बरमाणा ,पंजगाईं ,धौणकोठी और यहाँ की साथ लगती पंचायतों से कूड़े के भाव जमीनें खरीद ली। जिसके मुआवजे से न तो और जमीन ही खरीदी गयी न ही घर बना पाए। कुछ लोगों को छोड़ कर ना ही यहाँ के लोगों को नौकरी दी जाती है ना ही कोई और रोजगार रहा यहाँ के लोगों के पास।  जो थोड़ी बहुत जमीने लोगों के पास बची है वहां जब लोगों ने अपने घर बनाये और खेती करने के जाना पड़ा तो एसीसी सीमेंट कंपनी के पदाधिकारियों ने इन लोगों के रास्ते ऊँची दिवार लगा कर बंद कर दिए हैं। आज यहाँ के नौजवान बच्चे पड़ लिख कर अपने घरों में बैठे है उनको कोई रोजगार एसीसी सीमेंट कंपनी की तरफ से नहीं दिया जाता है जबकि बहरी राज्यों के लोगों को रोजगार दिया जाता है इसी बजह से आज के नौजवान नशे की चपेट में आ रहे है।

सीमा संख्यान ने कहा की मैंने खुद देखा है एसीसी सीमेंट कंपनी में कुछ दिनों पहले लगभग 10 से 15 लड़कियों की भर्ती एसीसी सीमेंट कंपनी ने की, लेकिन एक भी लड़की यहाँ की नहीं है यहाँ की क्या हिमाचल प्रदेश की भी नहीं होगी, यहाँ की लड़कियों के पास योगयता नहीं है क्या?  सिर्फ बाहरी राज्यों की लड़कियाँ या एसीसी सीमेंट कंपनी के पदाधिकारियों के मुहं लग की लड़कियां या लड़के काबिल है क्या ? प्रशासन  एवं एसीसी सीमेंट कंपनी के पदाधिकारियों को इसका जबाब देना ही पड़ेगा।  आज लोग रिटायर हो रहे है लेकिन उनके बच्चों को नौकरी नहीं है ये अनदेखी बहुत देख ली हमने आज तक अब आगे नहीं।  

सीमा संख्यान ने कहा कि जब सीमेंट बरमाणा में बनता है तो यहाँ सस्ता होना चाहिए या कहीं और जा कर सस्ता होना चाहिए।  उन्होंने बताया की बरमाणा में सीमेंट मेहंगा है और बाकी जगहों पर सस्ता है ,  क्या एसीसी सीमेंट कंपनी के विस्थापितों एवं प्रभावितों को आधे दाम पर एसीसी सीमेंट नहीं मिलना चाहिए ?

जब कोलडैम में कुछ यूनिट बिजली मुफ्त वहां के विस्थापितों एवं प्रभावितों को मिल सकती है और कोलडैम में जो भी बिजली उत्पादन होती है उसका एक प्रतिशत वहां के विस्थापितों एवं प्रभावितों में बांटा जाता है और एक प्रतिशत वहां के विस्थापितों एवं प्रभावितों की डवलप्मेंट में लगाया जाता है।  तो क्या एसीसी सीमेंट कंपनी से यहाँ के विस्थापितों एवं प्रभावितों को सीमेंट आधे दाम पर नहीं मिलना चाहिए ?  

सीमा संख्यान ने कहा कि एसीसी सीमेंट कंपनी से इतना ज्यादा खतरनाक प्रदुषण निकलता है जिससे यहाँ के विस्थापित एवं प्रभावित जनता भयानक बिमारियों की चपेट में आ रही है अगर आज भी यहाँ की जनता का सर्वेक्षण करवाया जाये तो आधे से ज्यादा लोग भयानक बिमारियों की चपेट में निकलेंगे।  मैं प्रशासन और एसीसी सीमेंट कंपनी के पदाधिकारियों को यह चेतावनी देना चाहती हूँ की अगर हमारी इन मांगों को नहीं माना गया तो इसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार हो जाना। बरमाणा ,पंजगाईं ,धौणकोठी और यहाँ की साथ लगती पंचायतों की विस्थापित एवं प्रभावित जनता अपने हक़ों को लेने के लिए अब जाग चुकी है।

 

Aaj Ki KhabrenBilaspur district newsBilaspur Himachal updateBilaspur HP newsbilaspur latest newsBilaspur Newsbilaspur news todayBilaspur samachar

Join WhatsApp

Join Now