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Himachal: प्रदेश में 143 नई उद्योग इकाइयों से 8380 करोड़ का निवेश को मंजूरी, 17,730 रोजगार के अवसर, धारा 118 के सरलीकरण की भी उठी मांग .!

Himachal: प्रदेश में 143 नई उद्योग इकाइयों से 8380 करोड़ का निवेश को मंजूरी, 17,730 रोजगार के अवसर, धारा 118 के सरलीकरण की भी उठी मांग .!

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने विधानसभा में दिए गए एक बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो अथॉरिटी के माध्यम से 143 नई औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इन इकाइयों के जरिए 8380 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 17,730 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी उद्योग मंत्री ने विधायक सुखराम चौधरी और जीतराम कटवाल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी।

नए औद्योगिक क्षेत्रों की योजना

उद्योग मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 64 औद्योगिक क्षेत्र सक्रिय हैं। इसके अलावा, सरकार 13 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इनके लिए भूमि का चयन भी कर लिया गया है, लेकिन आगे की प्रक्रिया भूमि के संबंधित विभाग के नाम स्थानांतरित होने के बाद ही शुरू होगी।

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धारा 118: औद्योगिक विकास में बाधा

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भू-अधिनियम की धारा 118 औद्योगिक निवेश के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि जब तक इस धारा के प्रावधानों को सरल नहीं किया जाता, तब तक प्रदेश में औद्योगिक विकास को पूरी गति नहीं मिल सकती। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि धारा 118 के सरलीकरण के मुद्दे पर सरकार का सहयोग करें, ताकि प्रदेश में दीर्घकालिक औद्योगिक नीति बनाई जा सके और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि धारा 118 के कारण उद्योगपतियों को अपनी जमीन या प्लॉट सीधे तौर पर बेचने में कठिनाई होती है। इसके लिए उन्हें सरकारी अनुमति लेनी पड़ती है, जो एक जटिल प्रक्रिया है। इस वजह से कई उद्योगपति अपनी संपत्ति को सस्ते दामों पर दलालों के हाथों बेचने को मजबूर हो जाते हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए धारा 118 में संशोधन की आवश्यकता है।

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उद्योगों के बंद होने के कारण

उद्योग मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि समय-समय पर उद्योगों का बंद होना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे बाजार में उत्पाद की मांग कम होना, उद्योगपतियों के बीच आपसी विवाद, या अन्य आर्थिक कारण। उन्होंने कहा कि सरकार का काम उद्योगों को सीधे चलाना नहीं है, बल्कि निवेश को प्रोत्साहित करना है। सरकार ने आश्वासन दिया कि वह प्रदेश में उद्योगों को स्थिरता देने और निवेश को आकर्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।

 

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