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Himachal News: अनुशासनहीनता और जांच में लापरवाही के आरोपों पर सुक्खू सरकार की बड़ी कार्रवाई ओंकार, अतुल, और गांधी पर गिरी गाज..!

Published on: 27 May 2025
Himachal News: अनुशासनहीनता और जांच में लापरवाही के आरोपों पर सुक्खू सरकार की बड़ी कार्रवाई ओंकार, अतुल, और गांधी पर गिरी गाज..!

Himachal News: विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में भारी उथल-पुथल मचा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दिल्ली में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ किए जाने के साथ ही राज्य सरकार ने अनुशासनहीनता और जांच में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली सरकार ने इस मामले में संलिप्त या सुर्खियों में रहे वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। कई शीर्ष अधिकारियों को हटाया गया है और उनकी जगह नए चेहरों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इस बारे में अधिसूचना मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना द्वारा जारी की गई है।

सरकार की इस कार्रवाई में सबसे बड़ा झटका अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ओंकार चंद शर्मा को लगा है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से अवकाश पर भेज दिया गया है। साथ ही उनके पास से गृह, सतर्कता, राजस्व और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे अहम विभाग वापस ले लिए गए हैं।

इन विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी कमलेश कुमार पंत (SCS) को सौंपी गई है। इस कदम के बाद पंत को सरकार में प्रभावशाली चेहरा माना जा रहा है। वहीं, संदीप वसंत को जल शक्ति विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि राखिल कहलोन को जनजातीय विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

पुलिस विभाग में भी बड़ा फेरबदल हुआ है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अतुल वर्मा और शिमला के पुलिस अधीक्षक (SP) संजीव कुमार गांधी को उनके पदों से हटा दिया गया है। उनकी जगह वरिष्ठ IPS अधिकारी अशोक तिवारी को DGP का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। तिवारी 1993 बैच के अधिकारी हैं और हाल ही में केंद्र से प्रतिनियुक्ति पर हिमाचल लौटे हैं। हिमाचल के डीजीपी की रेस में वे सबसे आगे हैं।

वहीँ सोलन के वर्तमान SP गौरव सिंह को शिमला के SP का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। गौरव सिंह को उनकी तेजतर्रार और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाना जाता है। एसपी संजीव गाँधी को हिमाचल हाईकोर्ट में लगी फटकार और उसके बाद मीडिया में आकर कर बयान बाजी करने पर इस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।

उल्लेखनीय है कि यह सभी निर्णय विमल नेगी मामले की जांच में ढिलाई और न्यायालय की सख्त टिप्पणियों के बाद लिए गए हैं। बीते दिन मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस संबंध में कार्रवाई के संकेत दिए थे, जिन पर अब अमल शुरू हो चुका है।

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