Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

श्रमिकों के हितों की रक्षा में भारतीय मजदूर संघ का महत्वपूर्ण योगदानः जय राम ठाकुर

श्रमिकों के हितों की रक्षा में भारतीय मजदूर संघ का महत्वपूर्ण योगदानः जय राम ठाकुर

शिमला|
राज्य सरकार श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं आरम्भ की गईं हैं तथा उनकी सभी जायज मांगों का समय-समय पर समाधान सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां भारतीय मजदूर संघ, हिमाचल प्रदेश के 18वें राज्य स्तरीय वार्षिक अधिवेशन के दो दिवसीय सत्र के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 जुलाई 1955 को अपनी स्थापना के बाद से भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने श्रमिकों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि बीएमएस ने हमेशा कांग्रेस और वामपंथी सरकारों की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय मजूदर संघ से मजदूरों की 326 यूनियनें जुड़ी हुई हैं, जो संघ की एकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मजूदर संघ के सदस्यों ने समय-समय श्रमिकों के खिलाफ होने वाले शोषण के विरूद्ध आवाज उठाई है।

इसे भी पढ़ें:  प्रियंका का हिमाचल दौरा सरकार की असफलताओं को छुपाने का प्रयास, आयत शुल्क पर फैला रहे सनसनी : बिंदल

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने हजारों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लाभान्वित करते हुए अप्रैल, 2021 से उनके दैनिक वेतन को 275 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये किया है। पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने दिहाड़ीदार मजदूरों और आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में प्रति माह 2700 रुपये की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 500 रुपये और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में 300-300 रुपये प्रति माह की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। आशा कार्यकर्ताओं की एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं के बहुमूल्य योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उनके मानदेय में 750 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के लिए घोषित सभी वित्तीय लाभ शीघ्र जारी किए जाएंगे।

इसे भी पढ़ें:  लद्दाख में सड़क दुर्घटना में शहीद हुए हवलदार विजय कुमार को लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार ने प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले अंशदान को बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया है और इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तथाकथित मजदूर हितैषी संगठन बड़े-बड़े दावे कर और स्वयं को मजदूरों का हितैषी बताकर मजदूरों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर उनके कल्याण के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने भारतीय मजूदर संघ से राज्य और केंद्र सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों की सहायता के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोविड महामारी के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों को राहत प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है।

इसे भी पढ़ें:  राजधानी शिमला में सुबह-सुबह लगे भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 2.1 रही तीव्रता

जय राम ठाकुर ने कहा कि भारतीय मजूदर संघ की सभी जायज मांगों पर राज्य सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस अवसर पर भारतीय मजूदर संघ के प्रदेश महामंत्री मंगत राम नेगी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ सुरेन्द्रन, क्षेत्रीय संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ पवन कुमार, क्षेत्रीय सह-संगठन मंत्री भारतीय मजूदर संघ राकेश शर्मा, भारतीय मजूदर संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष मदन सिंह राणा, प्रदेश महामंत्री मंगत राम नेगी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल