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ये इल्जाम लगाते हुए Mark Zuckerberg ने Mark Zuckerberg पर किया केस, जानिए पूरा मामला

ये इल्जाम लगाते हुए Mark Zuckerberg ने Mark Zuckerberg पर किया केस, जानिए पूरा मामला

Mark Zuckerberg vs Mark Zuckerberg: अमेरिका के इंडियाना में रहने वाले वकील मार्क एस. जुकरबर्ग ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की कंपनी फेसबुक के खिलाफ मुकदमा दायर कर सुर्खियां बटोरी हैं। यह मामला सुनने में भले ही मजाक लगे, लेकिन यह पूरी तरह सत्य है। वकील मार्क का आरोप है कि फेसबुक ने उनके नाम को ‘सेलिब्रिटी की नकल’ मानकर उनके अकाउंट को बार-बार निलंबित किया, जिससे उनकी जिंदगी और व्यवसाय को भारी नुकसान हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
इंडियाना के मैरियन सुपीरियर कोर्ट में दायर मुकदमे में वकील मार्क एस. जुकरबर्ग ने बताया कि पिछले आठ सालों में फेसबुक ने उनके अकाउंट को कम से कम पांच बार बंद किया, यह दावा करते हुए कि वह ‘किसी मशहूर हस्ती की पहचान चुरा रहे हैं।’ उन्होंने स्थानीय टीवी चैनल WTHR-TV को बताया, “यह कोई मजाक नहीं है। मैंने विज्ञापनों के लिए पैसे खर्च किए, लेकिन फेसबुक ने मेरे अकाउंट को बिना कारण बंद कर दिया। यह ऐसा है जैसे आप सड़क किनारे बिलबोर्ड लगाएं, उसके लिए भुगतान करें, और फिर कोई उसे ढक दे।”

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मुकदमे के अनुसार, वकील ने फेसबुक पर विज्ञापनों के लिए 11,000 डॉलर (लगभग 9 लाख रुपये) खर्च किए थे, लेकिन कंपनी ने उनके पोस्ट हटाकर अनुबंध का उल्लंघन किया। मार्क ने फेसबुक के साथ अपने ईमेल भी सार्वजनिक किए, जिसमें कंपनी ने उनसे ‘प्रामाणिक नाम’ न इस्तेमाल करने को कहा था। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी फोटो आईडी, क्रेडिट कार्ड और तस्वीरें भेजकर अपनी पहचान साबित की थी।

नाम के कारण और परेशानियां
वकील मार्क ने बताया कि इस साल मई में फेसबुक ने उनका अकाउंट फिर से निलंबित कर दिया था, लेकिन मुकदमे के बाद इसे बहाल किया गया। इस अनुभव को रिकॉर्ड करने के लिए उन्होंने ‘iammarkzuckerberg.com’ नामक वेबसाइट भी शुरू की, जहां उन्होंने बताया कि उनके नाम के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलती हैं, मैसेंजर पर परेशान किया जाता है, और उनके कार्यालय में टेक सपोर्ट मांगने वालों के फोन आते हैं। वह रिजर्वेशन या व्यवसाय के दौरान अपना पूरा नाम इस्तेमाल करने से बचते हैं, क्योंकि लोग इसे मजाक समझते हैं। एक बार तो वाशिंगटन राज्य में उन पर गलत तरीके से दुर्व्यवहार का मुकदमा भी दर्ज हुआ था।

मेटा का जवाब
मेटा ने इस मामले पर बयान जारी कर कहा, “हमें पता चला कि मार्क जुकरबर्ग का अकाउंट गलती से बंद किया गया था, जिसे अब बहाल कर दिया गया है। हम उनके धैर्य की सराहना करते हैं और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।”

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