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Indian Auto Sector Growth: आधे साल की मंदी के बावजूद 2025 में भारतीय ऑटो सेक्टर का शानदार प्रदर्शन!

Indian Auto Sector: आधी साल की मंदी के बावजूद 2025 में भारतीय ऑटो सेक्टर का शानदार प्रदर्शन!

Indian Auto Sector Growth:  भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए अक्टूबर 2025 काफी ज्यादा शानदार देखने को मिला। फेस्टिवल सीजन की जोरदार खरीदारी, जीएसटी 2.0 सुधारों का सकारात्मक असर और बेहतर उत्पादन ने इस महीने को सभी सेगमेंट में अब तक के सबसे ज्यादा मजबूत अक्टूबर महीने के रूप में साबित किया है। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर के आंकड़ों के हिसाब से, पैसेंजर व्हीकल, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर तीनों ने शानदार डिस्पैच दिखाए है। हालांकि अप्रैल महीने से अक्टूबर 2025 तक (H1 FY26) की कुल तस्वीर इस बात का बयान देती है की उद्योग में सुधार देखने को मिल तो रहा है, लेकिन बहुत ज्यादा उछाल नहीं देखने को मिल रहा।

पैसेंजर व्हीकल SUV बनी सबसे बड़ी ताकत
अक्टूबर 2025 में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 4,60,739 यूनिट तक देखने को मिली जो पिछले साल के मुकाबले में 17.2% ज्यादा है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान SUV का देखने को मिला है, जिनकी बिक्री में 19.3% की बढ़ोतरी देखने को मिली। वही पैसेंजर गाड़ियों में 8.4% और वैन में 16.2% के बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि पूरे अप्रैल अक्टूबर अवधि में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की कुल ग्रोथ 1% देखने को मिली लेकिन निर्यात ने बेहतर प्रदर्शन किया। इस अवधि में यात्री वाहन निर्यात ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इस अवधि में यात्री वाहन निर्यात 17.4% बढ़कर 5.14 लाख यूनिट तक पहुंच गया। अकेले अक्टूबर में एक्सपोर्ट 11.7% बढ़े और उत्पादन में 9.8% की बढ़ोतरी हुई, जोकि एक मजबूत फैक्ट्री आउटपुट को दिखाता है।

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टू व्हीलर सेगमेंट में स्कूटर का परफॉर्मेंस अच्छा रहा और बाइक का कमजोर
टू व्हीलर बाजार ने अक्टूबर के महीने में 22,10,727 यूनिट्स की घरेलू बिक्री की, जो साल दर साल की तुलना में 2.1% की मामूली बढ़त है। शहर की मांग के चलते हुए स्कूटर की बिक्री में 14.3% का उछाल देखने को मिला लेकिन मोटरसाइकिल की बिक्री 4% कमजोरी देखने को मिली। यही बड़ी गिरावट ग्रामीण इलाकों की कम गति वाली मांग को दर्शाता है। मोपेड की बिक्री में भी 2.1% की कमजोरी देखने को मिली।

अप्रैल-अक्टूबर 2025 में टू व्हीलर बिक्री में सिर्फ 1% उछाल देखने को मिला। इसका मतलब है की बाजार में रिकवरी थोड़ी कमजोर है लेकिन फिर भी मौजूद है। हालांकि, एक्सपोर्ट्स इस सेगमेंट की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। H1 में टू व्हीलर एक्सपोर्ट्स 23.1% तेज हुए और अक्टूबर के महीने में भी 17.7% की वृद्धि के साथ एक अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। वहीं दूसरी तरफ उत्पादन में 5.6% की कमी देखने को मिली क्योंकि कंपनियों ने पहले से ही मौजूद स्टॉक को मैनेज किया।

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कमर्शियल व्हीकल बाजार स्थिर लेकिन अभी भी तेज है
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में फेस्टिव सीजन और लॉजिस्टिक की जरूरत से कुछ कुछ उछाल तो देखने को मिली, लेकिन इतनी नहीं की पूरा बाजार तेज हो सके।

थ्री व्हीलर की घरेलू और विदेशी बाजारों में शानदार वापसी
थ्री व्हीलर सेगमेंट ने अक्टूबर 2025 में 81,288 यूनिट्स की बिक्री की है, जिसमें 5.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पैसेंजर थ्री व्हीलर की बिक्री 7.6% बढ़ती हुई नजर आई, जबकि गुड्स कैरियर्स में 2.8% की हल्की उछाल देखने को मिली। वहीं दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक टू व्हीलर अभी भी दबाव में देखने को मिल रहे है। अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान घरेलू बिक्री 5.6% बढ़कर 4,75,738 यूनिट्स तक पहुंच चुकी है, जबकि एक्सपोर्ट्स ने 45.1% की जबरदस्त छलांग लगाई। सिर्फ अक्टूबर के महीने में ही थ्री व्हीलर एक्सपोर्ट्स 56.2% उछलकर 41,866 यूनिट्स तक पहुंच गए। अफ्रीकी और पड़ोसी विकासशील देशों में आई मांग इसका बड़ा कारण बताई जा रही है। अक्टूबर में उत्पादन भी 15.9% बढ़कर 1,19,885 यूनिट्स तक पहुंच गया।

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