Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Himachal High Court: भारत-पाकिस्तान के बीच दुश्मनी खत्म करने की इच्छा ‘राजद्रोह’ नहीं

Himachal News Himachal Pradesh High Court , Himachal High Court , Himachal High Court Decision, MV Act Vimal Negi Himachal High Courtdeath case Himachal Panchayat Election Himachal High Court Himachal Panchayat Chunav

Himachal High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक चौंकाने वाला लेकिन विचारोत्तेजक फैसला सुनाया है। जिसमे कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच दुश्मनी खत्म हो जाए और शांति कायम हो, ऐसी इच्छा जताना देशद्रोह बिल्कुल नहीं है! कोर्ट ने यह भी साफ कहा कि ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाना या पोस्ट करना पहली नजर में कोई अपराध नहीं बनता, जब तक इससे किसी को भड़काया न जाए।

यह टिप्पणी जस्टिस राकेश कैंथला ने अभिषेक सिंह भारद्वाज नाम के शख्स को जमानत देते हुए की। अभिषेक पर फेसबुक पर बैन हथियारों की तस्वीरें, पाकिस्तानी झंडा पोस्ट करने, एक पाकिस्तानी से चैट करने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की आलोचना करने के आरोप थे।

इसे भी पढ़ें:  HPPSC Main Exam 2023: एचपीपीएससी मुख्य परीक्षा 2023 शेड्यूल हुआ जारी

बता दें कि पिछले साल मई में पुलिस ने उनके घर छापा मारा, लेकिन कुछ गैरकानूनी नहीं मिला। फिर फेसबुक जांच में विवादित पोस्ट और मैसेज मिले, जिनमें खालिस्तान समर्थन का शक हुआ। इसके बाद BNS की धारा 152 के तहत देशद्रोह का केस दर्ज किया गया।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान जाँच में शामिल पेन ड्राइव के वीडियो और चैट भी देखे। इसमें अभिषेक और दूसरे व्यक्ति ने सिर्फ युद्ध की बुराई की और कहा कि सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहें, लड़ाई से कुछ हासिल नहीं होता। इस पर जस्टिस कैंथला ने पूछा कि शांति की बात करना देशद्रोह कैसे हो सकता है?

इसे भी पढ़ें:  महिला एशिया कप के लिए भारतीय टीम का हुआ ऐलान, रेणुका का टीम इंडिया में चयन

कोर्ट को FIR में सरकार के खिलाफ नफरत का कोई सबूत नहीं मिला। खालिस्तान नारे की बात पर भी कोर्ट ने कहा कि डेटा में ऐसा कुछ नहीं और सिर्फ पोस्ट करने से अपराध नहीं बनता, जब तक असंतोष न फैलाया जाए। 1 जनवरी के आदेश में कोर्ट ने कहा कि जमानत का मतलब अपराध साबित होने से पहले सजा देना नहीं। चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, इसलिए अभिषेक को जमानत दे दी गई।

इस मामले की सुनवाई में याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व वकील संजीव कुमार सूरी ने किया। जबकि उप महाधिवक्ता प्रशांत सेन राज्य की ओर से पेश हुए। यह मामला अभिषेक बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य था।

इसे भी पढ़ें:  Himachal Political Crisis : पर्यवेक्षकों के साथ बैठक के बाद सीएम सुक्खू ने दिया ये बयान
Aaj Ki Khabren Himachal High Court Himachal Latest News Himachal News Himachal News in Hindi Himachal Pradesh News Himachal Pradesh samachar Himachal update HP News Today

Join WhatsApp

Join Now