Himachal Fire Incident: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राहत और बचाव कार्य दूसरे दिन और तेज कर दिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासनिक अमला, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें भी एक साथ जुटी हुई हैं। मलबे को हटाकर हर कोने में तलाश की जा रही है, ताकि किसी भी तरह का सुराग मिल सके।
उल्लेखनीय है कि सोमवार तड़के लगी आग के बाद मंगलवार को दुसरे दिन भी एनडीआरएफ की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई है और लापता लोगों की खोज शुरू कर दी गई है। खबर लिखे जाने तक इस घटना में तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा सात लोग अभी भी लापता हैं। लापता सभी लोग नेपाल के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे में बिहार निवासी एक बच्चे की मौत की भी पुष्टि हुई है। लापता लोगों में डेढ़ माह का एक मासूम बच्चा भी शामिल है।
घटना के बाद हालात को देखते हुए लापता लोगों के जीवित मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है, लेकिन प्रशासन किसी भी स्तर पर खोज अभियान रोकने को तैयार नहीं है। मलबे से जो भी मानव अवशेष मिल रहे हैं, उन्हें पहचान के लिए फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। घटनास्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राहत और बचाव कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता।
क्या है मामला ?
बता दें कि सोलन जिले के अर्की बाजार में आगजनी की घटना में बड़ा नुकसान हुआ है। इस हादसे में नेपाली मूल के एक परिवार को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है। पुलिस के अनुसार आग बीती रात करीब 2:45 बजे अर्की बाजार के एक पुराने भवन में लगी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया।
अर्की फायर स्टेशन के साथ शिमला जिले के बालुगंज, सोलन जिले के बनलगी और अंबुजा सीमेंट कंपनी की फायर ब्रिगेड गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। आग लकड़ी से बने पुराने भवन में लगी होने के कारण तेजी से फैल गई, हालांकि दमकल कर्मियों ने समय रहते आग को आगे फैलने से रोक लिया अन्यथा आसपास के घरों अन्य दुकानों को भी नुकसान हो सकता था। अभी भी इस दुखद हादसे में 10 से अधिक लोगों के जलकर मरने की आशंका है। सही आंकड़ा रेस्क्यू अभियान समाप्त होने के बाद हि समाने आएगा।
















