KCC Bank Hotel Loan Scam: कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (केसीसीबी) से जुड़े चर्चित होटल लोन घोटाले में ऊना पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की जांच कर रहे थाना सदर ऊना के एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी ऊना ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए एसएचओ से जांच को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा है। इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, केसीसीबी होटल लोन घोटाले में दर्ज एफआईआर की जांच थाना सदर ऊना के एसएचओ गौरव भारद्वाज के नेतृत्व में चल रही थी। इसी दौरान अचानक उन्हें लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए गए। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह कदम जांच में लापरवाही के चलते उठाया गया है या फिर शक्तियों के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसएचओ से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उन्होंने अब तक जांच में क्या-क्या कार्रवाई की और किन तथ्यों के आधार पर आगे कदम बढ़ाए गए। एसपी ऊना को दिए जाने वाले स्पष्टीकरण के बाद ही यह तय किया जाएगा कि मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए या नहीं। पुलिस महकमे में इस फैसले को जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि केसीसीबी होटल लोन मामला हिमाचल प्रदेश के बड़े बैंकिंग मामलों में शामिल है। इस घोटाले में बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। आरोप है कि होटल लोन स्वीकृत करने और राशि वितरित करने में नियमों को नजरअंदाज किया गया, जिससे बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। एफआईआर में बैंक के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी शामिल हैं, जिन पर मिलीभगत और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस शुरू से ही इसकी गहन जांच कर रही थी। दस्तावेजों की जांच, बैंक रिकॉर्ड खंगालने और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही थी। इसी बीच एसएचओ को लाइन हाजिर किए जाने के फैसले ने जांच की दिशा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अधिकारों के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि होटल लोन घोटाले की जांच बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
फिलहाल, सभी की नजरें एसएचओ द्वारा दिए जाने वाले स्पष्टीकरण पर टिकी हैं। इसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला केवल प्रशासनिक चूक का है या इसके पीछे कोई गंभीर कारण छिपा हुआ है। वहीं, केसीसीबी होटल लोन घोटाले में आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।














