Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में बर्फीले तूफान (Bharmour Avalanche) के बाद बड़ा हिमस्खलन हुआ है। पंचायत पूलन के ओट नाला में मंगलवार देर रात कुदरत ने अचानक रौद्र रूप दिखाया। रात करीब एक बजे एक विशालकाय ग्लेशियर टूट गया, जिसके बाद नाले के रास्ते बर्फ और मलबे का तेज सैलाब नीचे की ओर आ गया। कुछ ही पलों में इलाके में भारी तबाही मच गई और आधी रात लोगों में दहशत फैल गई।
इस आपदा में सामान से लदी दो मालवाहक गाड़ियां और तीन व्यावसायिक दुकानें पूरी तरह मलबे की चपेट में आकर नष्ट हो गईं। राहत की बात यह रही कि हादसा रात के समय हुआ, जब दुकानों और वाहनों में कोई मौजूद नहीं था। इसी वजह से किसी तरह के जानी नुकसान की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर यह घटना दिन में होती तो भारी जानमाल का नुकसान हो सकता था। अचानक आए मलबे के बहाव से लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। ग्लेशियर की चपेट में आने से बंटी पुत्र देश राज, निवासी पूलन की पिकअप गाड़ी (एचपी-38एफ-7066) और घड़लों देवी पत्नी जैहरी राम, निवासी पूलन की पिकअप (एचपी-73-8462) पूरी तरह दब गईं। बताया गया है कि दोनों वाहन उस समय सामान से भरे हुए थे। इसके अलावा नाले के किनारे बनी तीन व्यावसायिक दुकानें भी बहाव में आकर पूरी तरह तबाह हो गईं।
घटना के बाद पूरे इलाके में बर्फ, पत्थर और कीचड़ का ढेर लग गया है। पूलन पंचायत की प्रधान अनीता कपूर ने बताया कि नुकसान काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी तुरंत पुलिस थाना भरमौर और स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। साथ ही प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के लिए तुरंत राहत और उचित मुआवजे की मांग की गई है, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
उधर, उपमंडल पांगी की मिंधल पंचायत के सुखाई नाला में भी हिमखंड गिरने की सूचना मिली है। हालांकि वहां किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन ने संवेदनशील नालों और मार्गों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए स्थानीय लोग भी अब अधिक सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।

















