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Ashutosh Brahmachari History: अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी कौन हैं? जानें शामली के ‘हिस्ट्रीशीटर’ की पूरी कुंडली

Ashutosh Brahmachari History Sheeter: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष पांडे) खुद विवादों में हैं। उन पर रेप और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप रहे हैं।
Ashutosh Brahmachari History Sheeter: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष पांडे) खुद विवादों में हैं। उन पर रेप और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप रहे हैं।

Ashutosh Brahmachari History: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बीच चल रहा विवाद अब नए मोड़ लेता दिख रहा है। इसी बीच 21 फरवरी को बड़ी खबर आई कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR दर्ज हो गई है। प्रयागराज के रेप और पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में यह मुकदमा दर्ज किया गया। शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ यह केस है।

इस FIR को दर्ज कराने वाले व्यक्ति हैं आशुतोष ब्रह्मचारी। हालांकि मुकदमा अविमुक्तेश्वरानंद पर है, लेकिन अब आशुतोष ब्रह्मचारी का नाम भी सुर्खियों में छाया हुआ है। उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की बातें जोर-शोर से हो रही हैं।

आशुतोष ब्रह्मचारी कौन हैं?
आशुतोष की कई पहचान हैं। वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। वे स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य भी हैं। साथ ही, यूपी पुलिस के रिकॉर्ड में उन्हें ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताया गया है।

आशुतोष का असली नाम आशुतोष पांडे है। वे उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधली गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता बस कंडक्टर थे। 2022 में उन्होंने चित्रकूट की तुलसी पीठ में स्वामी रामभद्राचार्य से दीक्षा ली और संन्यास ग्रहण किया। इसके बाद वे आशुतोष ब्रह्मचारी कहलाने लगे। फिलहाल वे मथुरा में रहते हैं।

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रामभद्राचार्य के शिष्य बनने के बाद ही उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया। पिछले कुछ वर्षों में इस ट्रस्ट ने ईदगाह मस्जिद के खिलाफ कई प्रदर्शन किए और कानूनी केस भी दाखिल कराए। इनमें आशुतोष की बड़ी भूमिका रही है।

लेकिन सबसे ज्यादा बात उनके आपराधिक इतिहास पर हो रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आशुतोष पर कुल 21 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर दावा कर रहे हैं कि यह संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है। इन मुकदमों में कई गंभीर आरोप हैं, जैसे गैंगरेप, बलात्कार, हत्या की कोशिश, उगाही, जालसाजी और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के मामले। यूपी पुलिस ने उन पर गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट भी लगाया है। गैंगस्टर एक्ट ऐसे लोगों पर लगता है जो गिरोह बनाकर अपराध करते हैं। इसके अलावा गो हत्या का भी एक केस उनके खिलाफ है।

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विस्तार से देखें तो आशुतोष पर 10 बार धमकी देने, 7 बार धोखाधड़ी, 6 बार घर में घुसकर अपराध, 6 बार जालसाजी, 5 बार जाली दस्तावेज इस्तेमाल करने और 4 बार हथियार से हमला करने के आरोप लगे हैं। शामली पुलिस का कहना है कि उनकी हिस्ट्रीशीट अभी भी सक्रिय है।
Ashutosh Brahmachari History Sheeter: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष पांडे) खुद विवादों में हैं। उन पर रेप और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप रहे हैं।

अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद कैसे शुरू हुआ?
दरअसल, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन कुंभ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्नान करने जा रहे थे। उन्हें रोका गया। शंकराचार्य पक्ष ने मारपीट का आरोप लगाया। दूसरी तरफ आशुतोष ब्रह्मचारी ने झूंसी थाने में शिकायत दी। उन्होंने कहा कि माघ मेले में निकली श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति यात्रा पर हमला हुआ। उनका दावा है कि अविमुक्तेश्वरानंद के कहने पर उनके शिष्यों ने मारपीट की।

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इसके बाद 21 फरवरी को आशुतोष की तहरीर पर ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत FIR हुई। आशुतोष का आरोप है कि अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों ने गुरुकुल में शिक्षा और सेवा के नाम पर दो बच्चों के साथ बार-बार यौन शोषण किया।

यह घटना कुंभ मेले के दौरान हुई। FIR में लिखा है कि पीड़ितों ने खुद आशुतोष को यह बात बताई। इनमें एक बच्चा नाबालिग है और दूसरा बालिग लड़का है। यह मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

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