Shimla News: राजधानी शिमला के नवबहार इलाके में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों, चरणजीत सिंह (संजौली) और ताशी नेगी (कुमारसैन) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके तीसरे साथी की तलाश अभी जारी है।
मामले की अभी तक की जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया था, उसका इंजन और चैसी नंबर तक मिटा दिया था। यहाँ तक कि गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट भी पूरी तरह फर्जी थी। बता दें कि यह घटना 20 मार्च की है, जब आर्यन चौहान तारापुर सड़क से गुजर रहे थे।
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, तीन संदिग्धों ने उन्हें लूटपाट और फिरौती के इरादे से रोका था। आरोपियों के पास पिस्टल और लोहे की रॉड भी थी। खुद को खतरे में देख आर्यन ने समझदारी दिखाते हुए गाड़ी से छलांग लगा दी और अपनी जान बचाई, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बाद में वह गाड़ी मशोबरा के पास से बरामद की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस इन आरोपियों तक पहुँचने में सफल रही। फिलहाल पुलिस ने ढली थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरी साजिश के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिमला के एसपी गौरव सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश अब भी जारी है।
बता दें कि हमले की असल वजह क्या थी, क्या यह कोई राजनीतिक मामला था, पुरानी दुश्मनी, लूटपाट या फिर अपहरण की कोशिश, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। हालाँकि, कुछ लोग इसे आपसी पुरानी रंजिश का नतीजा मान रहे हैं। पुलिस फिलहाल हर पहलू से मामले की बारीकी से जांच कर रही है और उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस हमले के पीछे की असली वजह सामने आ पाएगी।
















