LPG Supply India 2026: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas, LPG) की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उद्योग के आधार पर देश मेंऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शनिवार को 55 लाख से अधिक एलपीजी रिफिल वितरित किए गए।
वहीं एलपीजी वितरकों में आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है। साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
रविवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए, डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को 53 प्रतिशत (फरवरी-2026) से बढ़ाकर कल 84 प्रतिशत कर दिया गया है।
कमर्शियल LPG आपूर्ति
सरकार ने उपभोक्ताओं को आंशिक कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति (20 प्रतिशत) पहले ही बहाल कर दी थी। इसके अलावा, भारत सरकार ने 18.03.2026 के पत्र के माध्यम से व्यापार सुगमता सुधारों के आधार पर पीएनजी विस्तार के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत वाणिज्यिक एलपीजी आवंटित करने का प्रस्ताव दिया गया था।
भारत सरकार ने दिनांक 21.03.2026 के पत्र के माध्यम से राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन स्वीकृत किया है, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत हो जाएगा (इसमें पीएनजी विस्तार के लिए सुगमता संबंधी सुधारों के आधार पर 10 प्रतिशत आवंटन शामिल है)।
यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण/डेयरी, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन/आउटलेट, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो एफटीएल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।
सरकार ने दिनांक 27.03.2026 के पत्र के माध्यम से कमर्शियल एलपीजी के लिए अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन करने का निर्णय लिया है (इससे कुल वाणिज्यिक आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जिसमें सुधार आधारित 10 प्रतिशत भी शामिल है)। यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रंगाई, रसायन और प्लास्टिक उद्योगों को प्राथमिकता के साथ दिया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि इनमें से उन प्रक्रिया उद्योगों या उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें विशेष तापन उद्देश्यों के लिए एलपीजी की आवश्यकता होती है और जिनका विकल्प प्राकृतिक गैस नहीं है।
वहीं शनिवार को लगभग 64,000 – 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए। इसके अतिरिक्त 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने भारत सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन के आदेश जारी किए हैं। शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर जारी कर रही हैं। 14 मार्च 2026 से अब तक इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक संस्थाओं द्वारा कुल 39368 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।
मिट्टी का तेल
आपको बता दें, सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48000 किलोलीटर केरोसिन (मिट्टी का तेल) का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे जिलों में केरोसिन वितरण के लिए स्थानों की पहचान करें।
इसके अलावा, 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने सूचित किया है कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में एसकेओ की कोई आवश्यकता नहीं है।
राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत, राज्य सरकारों को जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की निगरानी और विनियमन में प्राथमिक भूमिका निभानी होगी। भारत सरकार ने कई पत्रों और वीडियो संदेशों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस बात की पुष्टि की है।
- सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों, सहायक सचिव/प्रधान सचिव/खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिवों से अनुरोध है कि वे ऐसा करें।
- राज्य/जिला स्तर पर दैनिक प्रेस ब्रीफिंग को संस्थागत रूप देना और नियमित सार्वजनिक सलाह जारी करना।
- समर्पित नियंत्रण कक्ष/हेल्पलाइन स्थापित करना।
- सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं की सक्रिय रूप से निगरानी करना और उनका खंडन करना।
- जिला प्रशासनों द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और ओएमसी के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
- अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करना।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त एसकेओ के लिए एसकेओ आवंटन आदेश जारी करना।
- सीजीडी के विस्तार को गति देने के लिए, जिसमें आरओडब्ल्यू/आरओयू अनुमतियों में तेजी लाना, 24×7 कार्य अनुमतियां आदि शामिल हैं।
- पीएनजी में वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने और बढ़ावा देने के लिए।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ समन्वय हेतु वरिष्ठ नोडल अधिकारियों को नामित करना।
केंद्र सरकार ने दिनांक 27.03.2026 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से सही जानकारी प्रसारित करने और अफवाहों को रोकने के लिए दैनिक प्रेस विज्ञप्तियां जारी करने और सोशल मीडिया/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सक्रिय रूप से अपडेट देने का पुनः अनुरोध किया है। वर्तमान में, 14 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश दैनिक प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रहे हैं।
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी
- एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। अब तक लगभग 2900 छापेमारी की जा चुकी हैं और कल लगभग 1000 सिलेंडर जब्त किए गए।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के ओएमसी अधिकारियों ने सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और जमाखोरी/कालाबाजारी के मामलों की जांच करने के लिए कल देश भर में 1200 से अधिक आरओ और एलपीजी वितरक केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ( पीएसयू ) की ओएमसी ने अब तक एलपीजी वितरकों को लगभग 480 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
अन्य सरकारी उपाय
- गौरतलब हो, इस युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उच्च प्राथमिकता दी है।
- सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तिकरण उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
- एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्प पेश किए गए हैं।
- कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला वितरित करने के लिए राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला आवंटित करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है।
- राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शनों को सुगम बनाने की सलाह दी गई है।
सार्वजनिक परामर्श -सरकार ने कहा कि एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जल्दबाजी में खरीदारी और एलपीजी की बुकिंग से बचें।
सरकार ने एलपीजी के लिए नागरिकों से अनुरोध किया कि वे निम्नलिखित कार्य करें-
- बुकिंग के लिए डिजिटल मोड का उपयोग करें
- एलपीजी वितरकों के पास जाने से बचें
- वैकल्पिक ईंधन जैसे कि पी.एन.जी., इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप आदि का उपयोग करें।

















