Pune Child Artist Advait Kolarkar: कला और हुनर के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती, इस बात को पुणे के रहने वाले 4 वर्षीय अद्वैत कोलारकर ने पूरी दुनिया के सामने साबित कर दिया है। जिस उम्र में बच्चे प्राथमिक शिक्षा और खिलौनों में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में अद्वैत अपनी बनाई कलाकृतियों से न केवल वैश्विक स्तर पर ख्याति प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि हर महीने औसतन 1.5 लाख रुपये से अधिक की आय भी अर्जित कर रहे हैं।
अद्वैत कोलारकर का कलात्मक सफर महाराष्ट्र के पुणे से शुरू हुआ था। महज एक वर्ष की आयु में उन्होंने रंगों की पहचान शुरू कर दी थी और दो साल का होते-होते उन्होंने कैनवास पर अपनी कल्पनाओं को उतारना प्रारंभ कर दिया। वर्तमान में अद्वेत अपने माता-पिता के साथ कनाडा में रह रहे हैं, जहां उन्हें एक उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय कलाकार के रूप में पहचान मिली है।
वैश्विक कला बाजारों में बढ़ती मांग
अद्वैत की कलाकृतियों की पहुंच अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। हाल ही में न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित ‘आर्ट एक्सपो’ में उनकी एक पेंटिंग लगभग 2000 डॉलर (करीब 1.3 लाख रुपये) में बिकी। इसके अलावा, कनाडा के ‘सेंट जॉन आर्ट सेंटर’ में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में उनकी कृतियों को प्रदर्शित किया गया, जहां अनुभवी कलाकारों और कला समीक्षकों ने उनकी तकनीकी समझ और रचनात्मकता की सराहना की।
डायनासोर और गैलेक्सी हैं प्रेरणा के मुख्य स्रोत
अद्वैत कोलारकर की कला की सबसे बड़ी विशेषता उनके विषयों का चयन है। उनकी अधिकांश पेंटिंग्स में डायनासोर, ड्रैगन और ब्रह्मांड (गैलेक्सी) के विभिन्न आयाम नजर आते हैं। उनकी माता के अनुसार, अद्वेत की रंगों के साथ सहजता ही उनकी सफलता का मुख्य कारण है। कनाडा में उनकी एक-एक पेंटिंग की कीमत अब डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच रही है।
इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में अपनी जगह बनाना किसी उपलब्धि से कम नहीं है। अद्वैत की यह सफलता न केवल भारत के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा है जो मानते हैं कि प्रतिभा किसी विशेष उम्र की मोहताज होती है। अद्वेत का यह सफर अब पुणे की गलियों से निकलकर न्यूयॉर्क और कनाडा के बड़े आर्ट गैलरीज तक अपनी चमक बिखेर रहा है।




















