Operation Raksha Sutra: सिरमौर जिला के पांवटा साहिब उपमंडल के नारीवाला में प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब वन निगम की टीम की मौजूदगी में ठेकेदार पेड़ों की कटाई के लिए मौके पर पहुंचा, लेकिन स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने ‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ के तहत पेड़ों से चिपककर उन्हें कटने से बचा लिया और पूरी कार्रवाई को रोक दिया।
नारीवाला से जम्बू खाले तक बनने वाली इस सड़क के लिए वन क्षेत्र के करीब 100 से अधिक पेड़ों के कटान का प्रस्ताव है। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, तीन पंचायतों की बड़ी संख्या में महिलाएं वहां एकत्र हो गईं और उत्तराखंड के प्रसिद्ध ‘चिपको आंदोलन’ की तर्ज पर पेड़ों से लिपट गईं। महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया कि पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने से पहले उन्हें उनके विरोध का सामना करना होगा। इस दौरान नारेबाजी भी हुई। मामला गत बुधवार का है।
ग्रामीण महिलाओं के इस कड़े विरोध के चलते वन निगम और ठेकेदार की टीम को बिना किसी कार्रवाई के लौटना पड़ा। आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि ये पेड़ उनके जीवन का हिस्सा हैं और वे इन्हें किसी भी कीमत पर कटने नहीं देंगी।
इस मौके पर समाजसेवी नाथूराम चौहान, अनिल चौधरी (पूर्व उपप्रधान), ओम प्रकाश (पूर्व प्रधान), जगीरी चौधरी (पूर्व वाइस चेयरमैन जिला परिषद), साधु राम नंबरदार, मोहन लाल (पूर्व वार्ड मेंबर), राजेश्वर शर्मा (पूर्व उपप्रधान), चंपा देवी, सुनीता देवी (अध्यक्ष, वन समिति नारीवाला), रेखा शर्मा (अध्यक्ष, वन समिति किशनकोट) और सरना राम (पूर्व वार्ड सदस्य) सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग तलाशा जाए, ताकि विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे।
इस मौके पर समाजसेवी नाथूराम चौहान ने भी सख्त लहजे में कहा कि पेड़ काटना अपराध है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कई पेड़ों को दवाई डालकर सुखाया जा रहा है, ऐसा कृत्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जबरन पेड़ों की कटाई की कोशिश की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।





















