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Ajit Agarkar विश्व कप 2027 तक बने रहेंगे टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता, जानें बड़ी वजह

BCCI Cricket News Hindi: बीसीसीआई ने टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर पर अपना भरोसा कायम रखा है। बोर्ड उनके नेतृत्व में टीम के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उनका कार्यकाल 2027 वनडे विश्व कप तक बढ़ाने की तैयारी में है।
Published on: 19 April 2026
Ajit Agarkar Team India selector

Ajit Agarkar BCCI Contract Extension: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की वरिष्ठ चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीसीसीआई उनके प्रदर्शन से बेहद संतुष्ट है और उनका अनुबंध एक वर्ष के लिए बढ़ाकर जून 2027 तक करने जा रहा है। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य अगले साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए टीम में निरंतरता और स्थिरता बनाए रखना है।

अजीत अगरकर के नेतृत्व में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उनके कार्यकाल के दौरान टीम ने लगातार दो टी20 विश्व कप (2024 और 2026) के खिताब अपने नाम किए और पिछले वर्ष चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर आईसीसी टूर्नामेंटों का सूखा समाप्त किया। इसके अतिरिक्त, 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का सफर भी टीम की मजबूती को दर्शाता है। बीसीसीआई के एक पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बोर्ड अजीत अगरकर द्वारा टीम में लाए गए बदलावों और उनके द्वारा लिए गए साहसी निर्णयों से काफी प्रभावित है।

चयन समिति के सामने कुछ चुनौतियां भी रही हैं। टीम इंडिया एक बड़े संक्रमण (ट्रांजिशन) दौर से गुजरी है, जिसमें विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों का टेस्ट टीम से बाहर होना शामिल है। इस बदलाव के बीच कप्तानी की जिम्मेदारी नए खिलाड़ियों को सौंपी गई; शुभमन गिल को टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया, जबकि सूर्यकुमार यादव को टी20 इंटरनेशनल की कमान मिली। शुभमन गिल ने अपने पहले टेस्ट दौरे पर कप्तान के रूप में प्रभाव छोड़ा है।

हालांकि, घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार और न्यूजीलैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में 0-3 की करारी शिकस्त चयन समिति के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। विशेष रूप से भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन गेंदबाजी खेलने की क्षमता पर सवाल उठे हैं, जिस पर अगरकर और उनकी समिति को भविष्य में काम करना होगा। बावजूद इसके, छोटे फॉर्मेट में टीम की निरंतर सफलता और अगरकर की कड़े फैसले लेने की क्षमता ने उन्हें बोर्ड की पहली पसंद बनाए रखा है।

अजीत अगरकर के ‘बोल्ड’ फैसलों का एक उदाहरण टी20 विश्व कप से पहले देखने को मिला, जब उन्होंने शुभमन गिल को टीम से बाहर कर इशान किशन को शामिल करने का साहसी निर्णय लिया था। अगरकर का तर्क था कि टीम को ऊपरी क्रम में विकेटकीपरों की आवश्यकता है और रिंकू सिंह के रूप में लोअर मिडिल ऑर्डर में गहराई जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि टीम कॉम्बिनेशन के चलते किसी न किसी को बाहर बैठना ही था।

इसके अलावा, टी20 टीम की कप्तानी के मसले पर भी अगरकर ने हार्दिक पंड्या के स्थान पर सूर्यकुमार यादव को प्राथमिकता दी। उन्होंने तर्क दिया कि टीम को ऐसे कप्तान की आवश्यकता है जो सभी मैच खेलने के लिए उपलब्ध रहे। अगरकर के इस सुझाव पर चयन समिति के अन्य सदस्य भी सहमत हुए और सूर्यकुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई। चयन समिति ने उन खिलाड़ियों को भी मौका देने में संकोच नहीं किया जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की, जिसमें इशान किशन का उदाहरण प्रमुख है।

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