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Himachal News: सुक्खू सरकार पर जयराम ठाकुर का बड़ा हमला, व्यवस्था परिवर्तन का दावा बेअसर

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दावों पर उठे सवाल, टांडा मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं और ठियोग पानी घोटाले को लेकर विपक्ष ने घेरा मुख्यमंत्री सुक्खू को।
Published on: 1 May 2026
Himachal News: पूर्व CM ने ड्रोन से जासूसी के लगाए आरोप, सीएम सुक्खू बोले - कहीं ED-CBI तो नहीं कर रही जयराम ठाकुर की जासूसी?'

Himachal Pradesh Political Crisis: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा बार-बार अलापा जा रहा व्यवस्था परिवर्तन का राग अब धरातल पर पूरी तरह बेअसर और खोखला साबित हो रहा है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आ रही भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की खबरें दे रही हैं।

कांगड़ा प्रवास के दौरान शुक्रवार को धर्मशाला से जारी एक प्रेस बयान में, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही वह विश्व स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था है, जिसका सपना मुख्यमंत्री जनता को दिखा रहे थे, जहां अस्पतालों के महत्वपूर्ण विभागों पर ताले लटके हैं और गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज की हृदय विदारक स्थिति सरकार के दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। वहां कार्डियोलॉजी जैसे संवेदनशील विभाग की ओपीडी पर ताला लटका होने के कारण दूर-दराज से आए हृदय रोगी, जिनमें बुजुर्ग महिलाएं और गंभीर बीमार शामिल हैं, बिना जांच और दवा के वापस लौटने को विवश हो रहे हैं। यह विडंबना ही है कि एक तरफ सरकार करोड़ों रुपये कैथ लैब पर खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते ओपीडी ही बंद पड़ी है, जिससे जनता का पैसा और स्वास्थ्य दोनों दांव पर लगे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस पार्टी के धर्मशाला मंथन शिविर पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि पता नहीं उनके नेता राहुल गांधी किसको क्या मार्गदर्शन करके चले गए कि अब उनकी ही पार्टी के नेता कह रहे हैं कि उन्हें अंदर घुसने तक नहीं दिया गया और कार्यकर्ता बाहर मिलने का इंतजार करते रह गए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को उनकी पार्टी के नेता ही गंभीर नहीं लेते हैं और उनकी सोच क्या है, यह दुनिया ने देखा है। यही कारण है कि वे आए और मौज-मस्ती करके निकल गए।

भ्रष्टाचार के मोर्चे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की स्थिति बेहद शर्मनाक है, जिसका खुलासा ‘ठियोग पानी घोटाले’ के रूप में हुआ है। ठियोग उपमंडल में पिछले साल जल संकट के दौरान जनता की प्यास बुझाने के नाम पर करीब 1.13 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें विजिलेंस ने नौ अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया है।

इस घोटाले की परतें इतनी गहरी हैं कि रिकॉर्ड में जिन टैंकरों के नंबर दिखाए गए थे, वे वास्तव में स्कूटर, मोटरसाइकिल और कारों के निकले। इससे साफ पता चलता है कि बिना किसी काम के फर्जी बिल बनाकर सरकारी खजाने को सरेआम चूना लगाया गया। आश्चर्य तो इस बात का है कि उन गांवों में भी पानी की आपूर्ति के फर्जी बिल बनाए गए, जहां सड़क मार्ग तक नहीं है। बिना निविदा प्रक्रिया के पसंदीदा ठेकेदारों को काम सौंपकर उन्हें लाखों का भुगतान किया गया।

भ्रष्टाचार का आलम यह रहा कि लेलू पुल से साफ पानी भरने की शर्तों को दरकिनार कर ठेकेदारों ने नालों का गंदा पानी लोगों को सप्लाई कर दिया, जिससे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर से लेकर अधिशासी अभियंता और एसडीएम कार्यालय तक के अधिकारी संदेह के घेरे में हैं, जिन्होंने बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान की फाइलें आगे बढ़ाईं।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो सरकार पहले से चल रहे संस्थानों को बंद करने में व्यस्त रही, अब वह चल रहे अस्पतालों में ताले लटकने की नौबत आने पर भी मौन साधे हुए है। मुख्यमंत्री की बेबसी और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का खोखला नारा अब जनता के सामने उजागर हो चुका है, क्योंकि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में ही राज्य विकास के पैमाने पर कई वर्ष पीछे धकेल दिया गया है।

जब राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेजों में से एक ‘टांडा’ में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी हो और ठियोग जैसे संवेदनशील इलाकों में पानी के नाम पर फर्जीवाड़ा हो रहा हो, तो सरकार की नीयत और नीति दोनों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि जनता में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। यदि सरकार ने विज्ञापनों और नारों के बजाय धरातल पर सुधार नहीं किया, तो आने वाले समय में उसे जनता के कड़े विरोध और जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।

ठियोग का करोड़ों का पानी घोटाला और टांडा की ठप पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं सुक्खू सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावों की कड़वी सच्चाई को बयां कर रही हैं। यहां आम नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है और व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पंचायतीराज संस्थाओं और स्थानीय निकाय चुनाव में जनता कांग्रेस को करारा जवाब देने जा रही है, क्योंकि यह व्यवस्था परिवर्तन का दौर किसी को भी रास नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू की जिद ने व्यवस्था परिवर्तन के बजाय व्यवस्थाओं का पतन कर दिया है।

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