Prajasatta Side Scroll Menu

Himachal News: शिमला एयर कनेक्टिविटी पर हाईकोर्ट की केंद्र को 10 दिन की डेडलाइन,अस्पतालों में खराब लिफ्टो पर राज्य सरकार की हुई खिंचाई

Himachal High Court: हिमाचल हाई कोर्ट ने राजधानी शिमला को हवाई सेवा से न जोड़ने पर केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है, इसके अलावा राज्य के सरकारी अस्पतालों में खराब लिफ्टों को लेकर सरकार की खिंचाई करते हुए जवाब तलब किया है।
Himachal News Himachal Pradesh High Court , Himachal High Court , Himachal High Court Decision, MV Act Vimal Negi Himachal High Courtdeath case Himachal Panchayat Election Himachal High Court

Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राजधानी शिमला को देश के हवाई मानचित्र पर प्रमुखता से जोड़ने के मामले में केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि शिमला को नियमित हवाई सेवा से जोड़ने के लिए एक विस्तृत और ठोस समयसीमा अदालत के समक्ष पेश की जाए। कोर्ट ने मंत्रालय के वर्तमान रुख को असंतोषजनक पाते हुए सचिव को 10 दिन के भीतर आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। उन्होंने खंडपीठ को सूचित किया कि शिमला को सरकार की संशोधित उड़ान योजना के दायरे में लाया जा रहा है। सचिव ने आश्वासन दिया कि आगामी 21 मई से शिमला को हवाई सेवा से पूरी तरह जोड़ दिया जाएगा। हालांकि, अदालत ने इस दलील को टालमटोल करने वाला रवैया करार दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई दिखनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें:  मनाली से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी HRTC बस अंबाला में हाइवे पर पलटी
Shimla Air Connectivity
Shimla Air Connectivity

केंद्र सरकार की ओर से पैरवी करते हुए दलील दी गई कि शिमला हवाई अड्डे की भौगोलिक स्थिति के कारण वहां बड़े विमानों को उतारना जोखिम भरा हो सकता है। सरकार के अनुसार, जिस ‘अलायंस एअर’ कंपनी को हवाई सेवा उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया है, उसके बेड़े में वर्तमान में केवल दो छोटे विमान उपलब्ध हैं। कोर्ट ने इस तर्क को सुनने के बाद संबंधित विमानन कंपनी को भी मामले में प्रतिवादी बनाया है और उसे नोटिस जारी कर अपना पक्ष अदालत के सामने रखने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि मामले की सुनवाई में हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि देशभर के राज्यों की राजधानियों को हवाई संपर्क से जोड़ा जा चुका है, लेकिन शिमला जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र और राजधानी को इस सुविधा से वंचित रखना किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। खंडपीठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिमला के साथ इस तरह का “सौतेला व्यवहार” बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस महत्वपूर्ण मामले पर अगली सुनवाई 14 मई को निर्धारित की गई है।

इसे भी पढ़ें:  Explosives Recovered: हिमाचल के 3 युवकों से देहरादून में 125 किलोग्राम विस्फोटक बरामद, गिरफ्तार

राज्य के सरकारी अस्पतालों की बदहाल लिफ्टों पर सरकार की खिंचाई,जवाब तलब
वहीं, एक अन्य गंभीर मामले में हाई कोर्ट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था पर भी कड़ा संज्ञान लिया है। बहुमंजिला अस्पतालों में खराब पड़ी लिफ्टों के कारण मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को हो रही भारी असुविधा पर कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को फटकार लगाई। अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी बहुमंजिला सरकारी अस्पतालों की सूची और वहां उपलब्ध लिफ्टों की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाए।

अदालत में पेश किए गए आधिकारिक हलफनामे से एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 118 बहुमंजिला अस्पतालों में कुल 56 लिफ्ट स्थापित हैं, जिनमें से केवल 43 ही चालू हालत में हैं। शेष 13 लिफ्ट तकनीकी खराबी या रखरखाव के अभाव में बंद पड़ी हैं। खंडपीठ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पतालों में मरीजों के लिए लगाई गई सुविधाओं का बेकार पड़े रहना चिंताजनक है। सरकार को 30 जून तक सभी खराब लिफ्टों को क्रियाशील बनाने के आदेश दिए गए हैं।

इसे भी पढ़ें:  ब्रेकिंग! भरमौर में चोली पुल टूटा, दो डंपर नाले में गिरे, एक की मौत

उल्लेखनीय है कि अदालत ने उन शिकायतों पर भी गौर किया जिनमें कहा गया है कि जो लिफ्ट चालू हालत में हैं, उन्हें भी अक्सर डॉक्टरों और स्टाफ के लिए आरक्षित कर दिया जाता है। इस कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों और बुजुर्गों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और इससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Himachal High Court Himachal High Court News Himachal News Himachal News Today Shimla Air Connectivity

Join WhatsApp

Join Now